शिक्षा की अनमोल विरासत: 1865 से शुरू हुआ जिला स्कूल का सफर, यहीं से पड़ी टाटा कॉलेज की नींव
चाईबासा जिला स्कूल की 1865 से चली आ रही ऐतिहासिक शैक्षणिक यात्रा को दर्शाया गया है, जिसने टाटा कॉलेज और कोल्हान विश्वविद्यालय की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

27 जनवरी 1954 को टाटा कॉलेज के वर्तमान स्वतंत्र परिसर की नींव रखी गई थी।
HighLights
1865 में चाईबासा जिला स्कूल की ऐतिहासिक स्थापना हुई।
टाटा कॉलेज की शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल परिसर से हुई।
स्कूल ने चाईबासा में उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया।
विद्यालय परिसर से शुरू हुआ उच्च शिक्षा का सफर
इसके बाद 27 जनवरी 1954 को टाटा कॉलेज के वर्तमान स्वतंत्र परिसर की नींव रखी गई। कॉलेज अपने नए भवन में स्थानांतरित हुआ और धीरे-धीरे पूरे कोल्हान के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित हो गया।
1865 से जुड़ी है जिला स्कूल की ऐतिहासिक कड़ी
जिला स्कूल से टाटा कॉलेज और फिर विश्वविद्यालय तक
तथ्य एक नजर में
- वर्ष 1841: चाईबासा में एंग्लो-हिंदी स्कूल की शुरुआत का उल्लेख।
- वर्ष 1851: प्रारंभिक एंग्लो-हिंदी स्कूल के बंद होने का समय।
- वर्ष 1865: चाईबासा जिला स्कूल की ऐतिहासिक स्थापना।
- वर्ष 1910: जिला स्कूल को हाई स्कूल स्तर की मान्यता और विकास।
- वर्ष 1951: टाटा कॉलेज की स्थापना, जिला स्कूल परिसर से पढ़ाई की शुरुआत।
- 27 जनवरी 1954: टाटा कॉलेज के वर्तमान स्वतंत्र परिसर की नींव रखी गई।
- वर्ष 2009: कोल्हान विश्वविद्यालय की स्थापना।
जिला स्कूल कोल्हान की शिक्षा की नींव से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। इसके इतिहास को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां चाईबासा की इस ऐतिहासिक यात्रा को समझ सकें।
मनोहर हेम्ब्रम, चाईबासा
जिला स्कूल ने कोल्हान की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा दी। हमारे दादा और पिताजी की पढ़ाई भी इसी विद्यालय से हुई है। इसलिए इस विद्यालय का महत्व केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है।
दिलवर हुसैन, चाईबासा
जिला स्कूल की पुरानी शिक्षा परंपरा और टाटा कॉलेज की शुरुआती यात्रा चाईबासा के लिए गर्व का विषय है। जिस शहर में आज विश्वविद्यालय है, वहां कभी उच्च शिक्षा की शुरुआत एक स्कूल परिसर से हुई थी, यह बात नई पीढ़ी को बताना जरूरी है।
मनोज राउत, चाईबासा
