संस, चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले को अति कुपोषित की श्रेणी में रखा गया है। यहां पांच हजार सात सौ पंद्रह बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण की जद में जी रहे हैं। गोईलकेरा प्रखंड में सबसे कम 56 व टोंटो प्रखंड में सबसे अधिक 975 गरीब बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से हुआ है।

इस रिपोर्ट से जिला प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। प्रशासन ने इस जिले को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में युद्धस्तर पर अभियान चलाने की तैयार शुरू कर दी है। उपायुक्त अरवा राजकमल के निर्देश पर जिला समाज कल्याण विभाग ने आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों से प्रत्येक महीने गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा है। विभाग के अनुसार ऐसे बच्चों की विशेष रूप से देखभाल की जाएगी। एएनएम को कहा गया है कि ऐसे बच्चों का जीवन बचाने के लिए मौके पर जाकर स्वास्थ्य की जांच करें। माताओं को इस बारे में जागरूक करें। उन्हें स्तनपान व ऊपरी आहार संबंधी जानकारियां दें। मां से चर्चा कर बच्चे की भूख की स्थिति का भी आकलन करें। यही नहीं कुपोषण से लड़ने के लिए सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, उप स्वास्थ्य केंद्रों की एएनएम, आंगनबाड़ी से जुड़ी सेविका व सहिया को तकनीकी रूप से ट्रेंड करने की योजना बनाई गई है,ताकि ऐसे बच्चे ससमय इलाज के लिए कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कराए जा सकें। इनसेट --

प्रखंडवार कितने बच्चे

गंभीर रूप से कुपोषित

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- चाईबासा - 408

- तांतनगर - 314

- मझगांव - 338

- कुमारडुंगी - 254

- खूंटपानी - 425

- झींकपानी - 223

- टोंटो - 975

- जगन्नाथपुर - 141

- नोवामुंडी - 659

- मंझारी - 226

- चक्रधरपुर - 436

- सोनुवा - 66

- गोईलकेरा - 56

- मनोहरपुर - 597

- बंदगांव - 220

- हाटगम्हरिया - 341

Posted By: Jagran

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