संवाद सूत्र, गुवा : एक ओर जहां देश भर में आए दिन कहीं न कहीं बस चालकों की लापरवाही से सैकड़ों यात्रियों की जान जाने की खबर आती है वहीं पश्चिम सिंहभूम के गुवा में एक चालक ने अपने जीवन के अंतिम समय में 30 यात्रियों की जान बचा एक मिसाल कायम की और उन 30 यात्रियों और उनके परिवार के लिए अपनी एक अलग पहचान छोड़ गया। रविवार को चाईबासा से गुवा आने वाली हरिओम बस के चालक की बस में ही हृदय गति रुकने से मौत हो गई। मरने से पहले चालक ने पूरी सूझबूझ से काम लिया और गुवा पहुंचने के बाद बस को बाकायदा सड़क से बांयी ओर खड़ा कर दिया। जिससे सभी

यात्री बस से सकुशल उतर गए और कई यात्रियों की जान बच गई। प्राप्त सूचना के अनुसार बस चाईबासा से एक बजे गुवा के लिए निकली। बस को चालक डुम्बी कराई चला रहा था। बस सकुशल गुवा पहुंची और यात्रियों को छोड़ने के बाद आगे बढ़ी। जैसे ही बस गुवा राम मंदिर के समक्ष पहुंची बस के चालक को हृदयघात आया। इसके बावजूद बस के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क से बांयी ओर खड़ा किया और बस खड़ा करते ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उस समय बस में 30 से ज्यादा यात्री सवार थे। आनन-फानन में चालक को गुवा सेल अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Posted By: Jagran

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