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Chaibasa Weather : 60-70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; चक्रवाती तूफान के खतरे से सहमे किसान

Published: Mon, 26 Oct 2026 09:01 PM (IST)

बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के चक्रवाती तूफान में बदलने से पश्चिमी सिंहभूम में मौसम बदलेगा, जिससे 60-70 ...और पढ़ें

चक्रवात के कारण ओडिशा के साथ-साथ झारखंड के कई हिस्सों में भी मौसम के मिजाज बदलने की पूरी संभावना है।

चक्रवात के कारण ओडिशा के साथ-साथ झारखंड के कई हिस्सों में भी मौसम के मिजाज बदलने की पूरी संभावना है।

HighLights

  1. पश्चिमी सिंहभूम में चक्रवाती तूफान का खतरा।

  2. 27 को येलो, 28-29 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट।

  3. किसान धान की फसल को लेकर चिंतित।

संवाद सहयोगी, चाईबासा । बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। इसके प्रभाव से ओडिशा के साथ-साथ झारखंड के कई हिस्सों में भी मौसम के मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। 

ओडिशा की सीमा से सटे पश्चिमी सिंहभूम जिले में भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। इसे गंभीर मानते हुए भारतीय मौसम विभाग ने जिले के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है।
 
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 28 और 29 अक्टूबर के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। 
 
इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है।
 
चक्रवाती तूफान और खराब मौसम की इस चेतावनी ने जिले के अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है। इस समय खेतों में धान की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी है। 
 
किसानों का कहना है कि यदि इतनी तेज रफ्तार से हवाएं चलीं, तो लहलहाती फसलें खेतों में ही गिर जाएंगी। इसके तुरंत बाद बारिश होने पर कटे या गिरे हुए धान के भीगने और सड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। 
 
जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में आए इस प्राकृतिक संकट के कारण किसान अपनी मेहनत की उपज को बचाने के लिए चिंतित नजर आ रहे हैं।