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बड़बिल में साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश, गरीब लोगों के खातों का होता था दुरुपयोग

Published: Mon, 23 Feb 2026 08:40 PM (IST)

क्योंझर पुलिस ने बड़बिल में एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसपी नितिन कुशलकर के नेतृत्व में ...और पढ़ें

बड़बिल में प्रेसवार्ता में जानकारी देते पुलिस पदाधिकारी व पीछे खड़े आरोपित।

बड़बिल में प्रेसवार्ता में जानकारी देते पुलिस पदाधिकारी व पीछे खड़े आरोपित।

HighLights

  1. क्योंझर पुलिस ने बड़बिल में साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया।

  2. गरीब लोगों के नाम पर 'म्यूल अकाउंट' का उपयोग करते थे।

  3. झारखंड से संचालित हो रहा था गिरोह का मास्टरमाइंड।

जागरण संसू, बड़बिल । देशभर में जारी साइबर कवच अभियान के तहत क्योंझर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक (SP) नितिन कुशलकर के नेतृत्व में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान बड़बिल पुलिस ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

गरीबों को लालच देकर बनाते थे 'म्यूल अकाउंट'

एसडीपीओ देवेंद्र नाथ पिंगुआ और थाना प्रभारी अशोक कुमार नायक ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह शातिर तरीके से काम कर रहा था। आरोपी गरीब और अनपढ़ लोगों को चंद पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाते थे। 
 
इन खातों (म्यूल अकाउंट) का उपयोग फिशिंग, विशिंग, ऑनलाइन जॉब स्कैम, कार्ड फ्रॉड और सेक्सटार्शन जैसे जघन्य अपराधों से प्राप्त राशि को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है: 

  •     मोहम्मद आमिर (40 वर्ष): निवासी बरकत नगर। 
  •     मोहम्मद इरशाद (29 वर्ष): निवासी के. अली मोहल्ला।
  •     ललित कुमार सेठी (22 वर्ष): निवासी मटकमबेड़ा।
  •     रामानुज लाल (30 वर्ष): निवासी श्रीराम नगर। 

झारखंड से जुड़ा है मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड पड़ोसी राज्य झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से विभिन्न बैंकों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

यह मामला नीरज कुमार सेठी की लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश और ठगी के शिकार हुए पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।