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झारखंड-ओडिशा सीमा पर क्योंझरगढ़-बादामपहाड़ नई रेललाइन में तेजी, 2107 करोड़ की लागत

Published: Tue, 29 Sep 2026 11:52 AM (IST)

बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ नई रेललाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और वन भूमि मंजूरी के लिए उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस 82.06 किमी ...और पढ़ें

24 गांवों की भूमि परियोजना में आएगी दायरे में, 82.06 किमी रेललाइन का निर्माण।

24 गांवों की भूमि परियोजना में आएगी दायरे में, 82.06 किमी रेललाइन का निर्माण।

HighLights

  1. भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी में तेजी लाने हेतु बैठक।

  2. 24 गांवों से 145 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा।

  3. 2,107 करोड़ की लागत से 82.06 किमी नई रेललाइन।

संवाद सूत्र, बड़बिल (चाइबासा)। ओडिशा के मयूरभंज जिले के बादामपहाड़ को क्योंझरगढ़ से जोड़ने वाली 82.06 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन के निर्माण को गति देने के लिए क्योंझर दरबार हॉल में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। जिला मजिस्ट्रेट विशाल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वन भूमि से संबंधित आवश्यक मंजूरियों तथा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई।


परियोजना के लिए केवल क्योंझर जिले में करीब 145 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 101.941 हेक्टेयर वन भूमि तथा 38.573 हेक्टेयर राजस्व भूमि शामिल है। क्योंझर सदर और पटना प्रखंड के कुल 24 गांवों की जमीन इस परियोजना के लिए आवश्यक है।

क्योंझर सदर प्रखंड के नौ गांवों से 45.375 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी, जिसमें 31.004 हेक्टेयर संरक्षित वन और 14.371 हेक्टेयर राजस्व भूमि है। वहीं पटना प्रखंड के 15 गांवों से 95.139 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। इसमें 70.937 हेक्टेयर संरक्षित वन तथा 24.202 हेक्टेयर राजस्व भूमि शामिल है।

रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए अतिरिक्त 4.486 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। वन भूमि के बदले 290 हेक्टेयर बंजर वन क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा। बैठक में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने तथा वन भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं को तेजी से निपटाने के निर्देशों पर भी चर्चा हुई।

करीब 2,107 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 7 दिसंबर 2024 को किया था। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर 23 सितंबर 2026 को सेक्शन 20(ए) के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी है। बैठक में रेलवे एक्ट के सेक्शन 20(ई) के तहत परियोजना संबंधी घोषणा की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।

जिले की अन्य रेल परियोजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ रेललाइन के अलावा जिले में चल रही और प्रस्तावित अन्य रेलवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें डांगोवापोसी-जरोली तीसरी और चौथी रेललाइन, बड़बिल-बोलानी खदान रेललाइन का दोहरीकरण, बड़बिल-नयागढ़ नई डबल लाइन, किरीबुरू-भद्रासाही, बरसुवां-नुआगांव, सनिन्दपुर-डोलतापहाड़ तथा भद्रासाही-बांसपानी नई रेललाइन परियोजनाएं शामिल हैं।

इन परियोजनाओं को क्योंझर जिले की विभिन्न खदानों से उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के रेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ रेललाइन के निर्माण से क्योंझर और मयूरभंज के बीच रेल संपर्क और मजबूत होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में रेल परिवहन के विस्तार के साथ नए यातायात अवसर भी विकसित होंगे।

बैठक में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार प्रधान, खान संयुक्त उपनिदेशक विश्वरंजन सेठी, दक्षिण-पूर्व रेलवे टाटानगर के उप मुख्य अभियंता सुशील कुमार सौरभ, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मानस रंजन साहू, एसीएफ डॉ. सुदीप्ता पंडा, सड़क एवं भवन विभाग के अधीक्षण अभियंता संबित मोहंती, टाटा पावर के अधीक्षण अभियंता रश्मिकांत बेहरा तथा क्योंझर विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (रेल परियोजना) किरण कुमार नायक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।