जागरण संवाददाता, चाईबासा : अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा एसीसी कंपनी को सरकार की ओर से लीज दिलाने पर पांचवीं अनुसूची के तहत समता जजमेंट पेश कानून ग्रामसभा के तहत रैयतों को लाभ नहीं दिये जाने को लेकर बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा की अध्यक्षता में हुई। जॉन ने कहा कि वर्ष 2013 में विधानसभा जांच रिपोर्ट का अनुपालन नहीं होना एवं जी ब्लॉक खदान का वर्ष 1980 में लीज समाप्ति के बाद भी अवैध रूप से कब्जा कर उसका इस्तेमाल खदान में जमें पानी का कारखाना चलाने के लिए लगातार 24 घंटे पम्प चलाकर लगभग लाखों लीटर पानी का इस्तेमाल प्रतिदिन करने से अगल-बगल गांव के नीमडीह, राजंका, चालकी व दलकी जलस्त्रोत सुखाने की वजह से खेती का कार्य छोड़ दिये हैं। जॉन के नेतृत्व में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जी ब्लॉक खदान से विस्थापित उक्त जमीन को कृषि योग्य समतलीकरण कर जमीन मालिकों को वापस कराया जाए एवं रैयतों की समिति बनाकर उन्हें उस खदान से व्यवसाय के लिए लाभ से जोड़ा जाय। बैठक के बाद जॉन मिरन मुंडा महामहिम, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी, टोंटो अंचलाधिकारी व टोंटो थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया है।

Posted By: Jagran

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