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सिमडेगा में जंगली हाथियों का उत्पात, घरों और अनाज को पहुंचाया नुकसान; ग्रामीणों में दहशत का माहौल

Published: Mon, 03 Aug 2026 02:49 PM (IST)

सिमडेगा और बानो/कोलेबिरा में जंगली हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों में दहशत फैलाई, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा और ...और पढ़ें

सिमडेगा के पोमिया गांव में 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा।

सिमडेगा के पोमिया गांव में 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा।

HighLights

  1. सिमडेगा के पोमिया गांव में 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा।

  2. बानो/कोलेबिरा में हाथियों ने चार घरों को क्षतिग्रस्त किया।

संवाद सूत्र, जलडेगा (सिमडेगा)। प्रखंड के परबा पंचायत अंतर्गत पोमिया गांव में शनिवार रात 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। झुंड में करीब 20 वयस्क हाथी और दो शावक शामिल थे। सूचना मिलते ही वन विभाग के प्रभारी फॉरेस्टर हेमंत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

विभाग ने ग्रामीणों के बीच जला मोबिल, जूट बोरा, डीजल, तार, टॉर्च व मशाल बनाने की सामग्री वितरित की, ताकि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ा जा सके। रात करीब 10:30 बजे झुंड से बिछड़े दो हाथी पोमिया मुंडाटोली निवासी बुधेश्वर नाग के घर तक पहुंच गए और पक्के मकान की खिड़की को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया।

हालांकि, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से हाथियों के झुंड को गांव से बाहर निकालकर बांसजोर प्रखंड के डोंगापानी क्षेत्र की ओर भेज दिया गया। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की है।

जंगली हाथी के हमले से चार घर क्षतिग्रस्त

बानो/कोलेबिरा। प्रखंड के लचरागढ़ पंचायत अंतर्गत केवरकट्टा, हजारीबेड़ा और पहाड़ टोली में शनिवार रात जंगली हाथी के आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण एकजुट होकर हाथी को आबादी से दूर भगाने का प्रयास करने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के गतिविधियों पर नजर बनाये हुए है।

वहीं हाथी ने केवरकट्टा के पहाड़ टोली निवासी मारकुस केरकेट्टा, मारीटोला की बिरसी गुड़िया, दुर्गा गुड़िया तथा अनूप कंडुलना के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घरों में रखा अनाज भी हाथी ने बर्बाद कर दिया, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
वन विभाग और प्रखंड प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, हाथी के पास नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की है। पीड़ित ग्रामीणों ने क्षति का आकलन कर शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।