वाचस्पति मिश्र सिमडेगा: झारखंड के 70 प्रतिशत से भी अधिक जनजातीय आबादी वाले सिमडेगा को आकांक्षी जिले की श्रेणी में रखा गया है। इसमें मूल रूप से विगत तीन-चार वर्षों में कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। शिक्षा,स्वास्थ्य तथा पोषण,कृषि, जल संसाधन, बुनियादी संरचना का निर्माण एवं सुविधा और कौशल विकास एवं वित्तीय समावेशन

आधारित पांच प्रमुख क्षेत्रों में लगातार सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में सभी इंडिकेटर्स पर औसतन तीस प्रतिशत उपलब्धि रही है। इसके आधार पर ही सिमडेगा को पिछले वर्ष जून में पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम अर्थात यूएनडीपी ने लगातार सुधार एवं हासिल की गई उपलब्धियों के आधार पर सिमडेगा को रैंकिग प्रदान की थी। आज जब पीएम

नरेंद्र मोदी ने सिमडेगा के डीसी से बात की तो जिले के आला अधिकारी समेत तमाम विभाग के कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। पीएम से वार्ता करने के बाद उपायुक्त ने कहा कि जिले में आकांक्षी जिले के तहत उठाए गए कई कई महत्वपूर्ण कार्यों को नोट किया गया है। जिले के कार्यों की प्रशंसा हुई है। भविष्य में भी इसी जज्बे व भावना के साथ कार्य को जारी रखा जाएगा। शिक्षा का क्षेत्र: आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत कई कार्य किए गए हैं । डेडिकेडेट

शिक्षकों के माध्यम से शैक्षिक गतिविधियां बढ़ाई गई। 762 स्कूलों में व्हाइट बोर्ड लगे। लाईब्रेरी स्थापित की गई।आनलाइन शिक्षण से बच्चों को शिक्षा दी जा रही है कृषि, जल संसाधन: कृषि क्षेत्र में लगातार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं लागू की गई है। जिले में 350 से अधिक सोलर आधारित लिफ्ट इरिगेशन की सुविधा दी गई है। जहां किसान कम लागत में अच्छी उपज हासिल कर रहे हैं। राइस बाउल योजना से 2 हजार एकड़ में खुश्बूदार चावल की खेती कराई गई। 25 सौ एकड़ में रागी की खेती कराई गई है। स्वास्थ्य तथा पोषण: जिले के 153 माडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए गए हैं। नामांकित बच्चों के लिए खेल व पढ़ाई से जुड़ी सामग्री दी गई है। दीवारों में आकर्षक पेंटिग व लेखन कराई गई है। कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उपचार केंद्र में भर्ती कराया गया। बुनियादी संरचना का निर्माण: जिले में बुनियादी संरचना के तहत कई सार्थक कदम उठाए गए हैं। पुल-पुलिया के साथ- साथ मोबाइल नेटवर्क की स्थापना में

भी सार्थक कार्य हुए हैं। जलडेगा,बानो,बोलबा समेत अन्य सुदूर प्रखंड में भी अब

लोग फोर जी नेटवर्क प्राप्त कर रहे हैं। वित्तीय समावेशन: वित्तीय समावेशन के तहत जिले में बैंकिग सुविधा सुलभ हुई

है। बैंकों तक लोगों की पहुंच हुई, बैंक भी ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचकर सुविधा दे रहे हैं। सखी मंडलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी आनलाइन वित्तीय लेने-देन

की सुविधा बढ़ी है।

Edited By: Jagran