जासं,सिमडेगा:जिला ताइक्वांडो संघ के नेतृत्व में रविवार को नगर भवन में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में जिले भर के ताइक्वांडो खिलाड़ी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष जवाहर चौधरी ने कहा कि कोविड के कारण जिले में ताइक्कांडो की गतिविधियां लंबे समय से ठप हो गई थे।जिससे प्रशिक्षुओं को समुचित लाभ नहीं मिल रहा था। कोविड का

प्रकोप कम होने के बाद गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। ताकि ताइक्वांडो खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें राज्य व देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा किया जा सके । वहीं ताइक्वांडो संघ के सचिव जूनास डांग ने खिलाड़ियों को ताइक्वांडो की तकनीकी पहलुओं कि बारीकी से जानकारी दी । साथ ही कहा कि कठिन परिश्रम से लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।खिलाड़ी खेल के माध्यम से भविष्य संवारने का सुनहरा अवसर का लाभ कठिन परिश्रम कर उठाना चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला प्रशिक्षक मनी कुमारी,प्रशिक्षक अजय सिंह, कृष्णा बड़ाईक,मारकुश कुजूर विजय सिंह,जगदीश मांझी, सुदर्शन बड़ाईक, राजेंद्र मांझी, प्रेम किड़ो, शंकर चीक बड़ाईक,सुरंजन इंदवार, डेविड लुगुन, निमलन बागे उपस्थित थे। प्रशिक्षुओं में दिखा उत्साह

सिमडेगा:मौके पर ताइक्वांडों का प्रशिक्षण लेने के लिए गांव के प्रशिक्षुओं ने पूरे उत्साह के साथ अभ्यास लिया।इस बाबत ठेठईटांगर की प्रशिक्षु अमिता कुमारी ने बताया कि ट्रेनिग शुरू होने से उनका अच्छा अभ्यास हो रहा है।उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिग से बच्चियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।वह अपनी आत्मसुरक्षा कर पाएगी

। उसने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी के कारण बच्चियां ठीक से नहीं पढ़ पाती है। उनका बाल-विवाह भी हो जाता है।अगर उन्हें आत्मविश्वास आएगा तो वह हक व अधिकार को समझ पाएगी।वहीं कृष्णा बड़ाईक ने कहा कि जिले में युवाओं को

इस प्रशिक्षण से बेहतर लाभ मिलेगा। इसके माध्यम से जहां वे खुद को फीट रख पाएंगे तो वहीं उन्हें विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर भी मिल पाएगा

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