सिमडेगा: स्थायीकरण व सम्मानित वेतनमान की मांग को लेकर पारा शिक्षकों की अब आखिरी उम्मीद पीएम नरेंद्र मोदी पर जा टिकी है। इधर पारा शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर व अपनी बात उनतक पहुंचाने के लिए मन बना लिया है। इतना ही नहीं आंदोलन के तहत पारा शिक्षक पहल सांसदों के माध्यम से पीएम से मिलने की बात रखेंगे, अगर बात नहीं बनी तो खून से पत्र लिखकर वे अपनी

व्यथा को पीएम से बताएंगे। उपरोक्त जानकारी देते हुए पारा शिक्षक संघ के जिला महासचिव फिरनाथ बड़ाईक ने बताया कि पारा शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंदोलन के पहले चरण के लिए 12 सितम्बर से लेकर 02 अक्टूवर तक का कार्यक्रम निर्धारित की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड़ो में मशाल जुलूस के साथ आन्दोलन का आगाज किया जाएगा।13 सितम्बर को राज्य के सभी सांसदों को पीएम मोदी से मिलवाने एवं समस्या समाधान का आग्रह पत्र सौंपा जाएगा। 15 सितम्बर को राज्य के सभी संकुलों में बैठक व आन्दोलन में प्रत्येक पारा शिक्षक के शत भागीदारी का घोषणा पत्र एकत्रित किया जाएगा। 17 सितम्बर को राज्य के सभी प्रमंडल मुख्यालय में पीएम मोदी के नाम खून से पत्र लिखना एवं काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को राज्य के सभी भाजपा सांसदों एवं विधायकों के आवास के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन किया जाएगा।

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