मोबाइल नेटवर्क को तरसता भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान का गांव, बूंद-बूंद पानी की भी किल्लत
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे के पैतृक गांव बड़की छापर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण ...और पढ़ें

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान का गांव
HighLights
सलीमा टेटे के पैतृक गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव।
ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
समस्याओं के समाधान हेतु उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।
संवाद सहयोगी, सिमडेगा। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में देश का परचम लहराने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे के पैतृक गांव बड़की छापर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सदर प्रखंड स्थित इस गांव में ग्रामीण पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं।
देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली खिलाड़ी के गांव की यह तस्वीर विकास के दावों के बीच कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति ऐसी है कि घर के भीतर से फोन पर बात करना भी मुश्किल हो जाता है।
जरूरी सूचना भेजने और आपात स्थिति में परिजनों या मददगारों से संपर्क करने में परेशानी होती है। वहीं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों का रुख करना पड़ता है।
डीसी को सौंपा ज्ञापन
इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर महिला अधिकार कार्यकर्ता अगुस्टिना टेटे के माध्यम से ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसमें गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने और मोबाइल नेटवर्क में सुधार की मांग की गई है।

अगस्टिना टेटे ने कहा कि सलीमा टेटे ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सिमडेगा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इसके बावजूद उनके गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस पहल करने की मांग की है।
