सिमडेगा : एडीजे नीरज कुमार श्रीवास्तव की न्यायालय ने पीएलएफआइ उग्रवादी सुरेंद्र नाग को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत पांच वर्ष कारावास व 13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। बानो थाना कांड संख्या 41-17 के तहत सुरेंद्र नाग 9 जून 2016 को पीएलएफआइ कमांडर गुज्जू गोप के पास कारतूस, लेवी की राशि, कोर्ट के कागजात आदि उसकी पत्नी को देने जा रहा था। इसकी जानकारी पुलिस को मिली और बकरापहाड़ के निकट बैठे सुरेंद्र को देखा। पुलिस को देखते ही सुरेंद्र ने भागने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने घेर कर पकड़ लिया। तलाशी के उपरांत उसके पास से 6 गोली, पीएलएफआइ का पर्चा, मोबाईल आदि बरामद हुआ। इसके उपरांत मामला न्यायालय में चला और फिर दोषी करार दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सुभाष प्रसाद के द्वारा गवाह, साक्ष्य, प्रदर्श आदि की प्रस्तुति की गई। विदित हो कि गुज्जू की पत्नी सरिता को भी पुलिस द्वारा बाद में गिरफ्तार किया गया है, जो अब भी जेल में है।

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