अंधेरियस लकड़ा, कुरडेग : प्रखंड में एक बार फिर मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यह मामला बड़कीबिऊरा पंचायत से संबंधित है, जहां समतलीकरण समेत कई योजनाओं में अवैध राशि की निकासी का मामला उजागर हुआ है। मनरेगा योजनाओं में बगैर काम किये या काम के पहले लाखों रुपये की फर्जी तरीके से राशि का निकासी कर लेना, मनरेगा कानून की धज्जियां उड़ाना जैसा ही है। किसी के द्वारा बगैर काम किये लाखों रुपये की निकासी हो जाए और मनरेगा कर्मियों को जानकारी नहीं हो यह कैसे संभव हो सकता है। मनरेगा कर्मियों की मिलीभगत के बगैर बिना काम किये लाखों रुपये की निकासी हैरान करने वाला है। परंतु सच यही है। बड़कीबिऊरा पंचायत के लबडेरा निवासी लाभुक हरिश्चन्द्र साय का जमीन समतलीकरण योजना व मास्टर रोल संख्या-8 है। जिसमें कुल कार्य दिवस 408 दिखाकर 68544 रुपये की निकासी की गई है। परंतु जमीन पर काम शून्य है। यहां तक कि हरिश्चंद साय से पूछने पर कहा कि जमीन पर खेती लगा है, किसने पैसे निकाले और कितने निकाले इसकी जानकारी हमें नहीं है, बाहरी लोगों के द्वारा जानकारी मिल रहा है कि राशि की निकासी की गई है पर अभी समतलीकरण का काम शुरू नहीं किया गया है ।दूसरा मामला है लाभुक-पियरमनी देवी का जमीन समतलीकरण का। इसके तहत कुल कार्य दिवस 475 दिखाया गया है। यहां कुल निकासी राशि 79800 है। जिसमें फिलहाल काम शुरू किया गया है। काम के अनुपात में यहां भी अधिक निकासी हुई है। वहीं तीसरा मामला है रामलखन साव का तालाब मरम्मती योजना है। मस्टर रोल के अनुसार कुल कार्य दिवस- 246, कुल राशि की निकासी- 41328 है। जमीन पर काम शून्य है। ग्रामीण सुरेश साहू, राजेश साहू, भरत साव, पारसनाथ प्रधान, बलमुनी देवी, सुध्देश्वरी देवी, वृन्दावती देवी आदि ने बताया कि उक्त तालाब का मरम्मती का कार्य नहीं किया गया है बल्कि तीन साल पूर्व जेसीबी मशीन से काम किया गया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जरूरत पर खेती मर भी जाए तो ¨सचाई के लिए पानी नहीं दिया जाता है। विदित हो कि पूर्व में भी प्रखंड में मनरेगा योजना में गड़बड़ी सामने आया है। इस संबंध में बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने कहा कि योजनाओं की जांच की जाएगी। गलत पाये जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran