संसू, आदित्यपुर: झारखंड राज्य में जल्द ही खाली पदों को भरा जाएगा। उक्त बाते स्वास्थ्य सह आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता ने रविवार को राजद प्रदेश सचिव पुरेंद्र नारायण सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा। वो पुरेंद्र नारायण सिंह के पिता के निधन पर उनके आवास पहुंचे थे। बन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खाली पड़े पदों का समीक्षा कर रहे हैं। उसको शीघ्र ही भरने का कार्य पूरा किया जाएगा। झारखंड में तैराकों को आपदा मित्र के रूप में बहाल किया जाएगा। इनके लिए कुछ मानदेय का भी प्रविधान रखा जाएगा। झारखंड सरकार आपदा को लेकर कई कार्य कर रही है। दुर्घटना में मौत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग से मृतक के स्वजनों को सरकार के तरफ से एक लाख का मुआवजा देने का काम शुरू किया गया है। इसके अलावा किसी आपदा में अपनी जान गंवानेवालों को चार लाख रूपये का मुआवजा दिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि राज्य के गांवों व शहरों के बस्तियों में रहनेवाले तैराक का इस्तेमाल डूबने पर बॉडी को ढुंढ़ने तथा जान बचाने के लिए किया जाता है। पुलिस इनका इस्तेमाल तो करती है, लेकिन पैसे का कोई प्रविधान नहीं होने के कारण परेशानी होती है। इसको देखते हुए राज्य में नदियों के किनारे रहनेवाले तैराकों को आपदा मित्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। बन्ना ने कहा कि झारखंड प्रदेश में बज्रपात और सड़क हादसे में लोग अपनी जान गंवाते हैं। मरने वाले अधिकतर लोग गरीब व जरूरतमंद होते हैं। सरकार का प्रयास है इन जरूरतमंदो को राहत मिले। पुरेन्द्र के यहां रविवार को टाटा वर्कस यूनियन के पूर्व अध्यक्ष आर रविकुमार, हसन इमाम मल्लिक, शहनावज आलम, रामाश्रय प्रसाद, विशेष पदाधिकारी दीपक सहाय, सुरेश यादव, जेपी यादव आदि मिलने पहुंचे थे।

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