सरायकेला (जागरण संवाददाता)। निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ए दोड्डे की अध्यता में सोमवार को आसन्न विधानसभा चुनाव-2019 की घोषणा के उपरांत आदर्श आचार संहिता से संबंधित बैठक की गई।

बैठक में निर्वाचन की शुचिता बनाए रखने के प्रयोजन आर्थ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में, अत्यधिक प्रचार, खर्चो घूस, की वस्तुओ,तथा नगद या वस्तु रूप में वितरण अवैध हथियार और गोला-बारूद मदिरा या असमाजिक तत्व आदि की आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए गठित उड़न दस्तों के लिए निम्नलिखित मानक प्रचालन प्रक्रिया जारी किया गया है।

बैठक में उपायुक्त ए दोड्डे ने बताया कि उड़नदस्ता एफएस प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के हर प्रखंड में तीन  उड़न दस्ते होंगे उड़नदस्ता निर्वाचन की घोषणा की तारीख से कार्य करना शुरू करेगा और मतदान समाप्त होने तक कार्य करता रहेगा। बीएसपी उड़नदस्ता आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और संबंधित शिकायतों के सभी मामलों पर कार्रवाई करेगा। व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में जरूरत से के आधार पर एक से अधिक उड़न दस्ते होंगे इस अवधि के दौरान उड़न दस्ते को और कोई कार्य नहीं दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि जब कभी भी नगद ,शराब या रिश्वत की कोई अन्य वस्तु के वितरण के संबंध में या असामाजिक तत्व हथियार और गोला-बारूद के लाने और ले जाने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उड़नदस्ता मौके पर तत्काल पहुंचेगा। उन्होने कहा कि उड़नदस्ता के मजिस्ट्रेट रिश्वत या नजदीकी जब्ती की वस्तुओं के संदर्भ में अनुलंकन पद दिए गए फॉर्मेट के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी को दैनिक कार्यक्रम रिपोर्ट भेजेंगे और उसकी प्रति आरोपी और व्यय प्रेक्षक को भेजेंगे। उपायुक्त ने कहा कि संपूर्ण कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी उड़न दस्ते के प्रभारी अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने और देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायत एएफआईआर तत्काल दाखिल भी करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी उपर्युक्त उपदेश करते हुए अंग्रेजी या हिंदी या स्थानीय भाषा में पंपलेट प्रकाशित करवाएंगे और उड़न दस्तों के माध्यम से महत्वपूर्ण स्थानों पर वितरित करवाएंगे। उड़न दस्तो द्वारा प्रयुक्त सभी वाहनों में उड़न दस्तों द्वारा किए गए अंतर अवरोधक इंटरसेप्शन की रिकॉर्डिंग करने के लिए सीसीटीवी कैमरे वेबकैम लगाए जाएंगे या उनमें वीडियो कैमरा होंगे।

उपायुक्त ने कहा कि एसएसटी स्थैतिक निगरानी दल प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र प्रखंड में तीन या अधिक से अधिक निगरानी दल होंगे और प्रत्येक दल में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा तीन या चार पुलिसकर्मी होंगे जो चेक पोस्ट पर कार्यरत होंगे। यह दल व्यय संवेदनशील बस्तियां झोपड़ी ऊपर चेक पोस्ट स्थापित करेगा और अपने क्षेत्र में अवैध शराब रिश्वत की वस्तुओं या भारी मात्रा में नकदी हथियार एवं गोला बारूद के लाने वाले जाने तथा असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर भी नजर रखेगा।

उन्होने कहा कि जब कभी भी किसी एजेंसी द्वारा जिले राज्य की सीमाओं पर या किसी अन्य स्थान पर किसी भी प्रयोजन अर्थ चेक पोस्ट स्थापित किए जाते हैं तो क्षेत्र में जांच के दोहराव से बचने के लिए ऐसी टीमें एसएससी भी वहां मौजूद होंगी। प्रमुख सड़कों या मुख्य मार्ग पर एसएसपी द्वारा जांच किए जाने की शुरुआत आयोग द्वारा निर्वाचन की अधिसूचना की तारीख से होगी। जांच के दौरान यदि अभ्यर्थी उसके एजेंट या पार्टी कार्यकर्ता को ले जाने वाले किसी वाहन में पचास हजार से अधिक की नकदी पाई जाती है यह वाहन में पोस्टर या निर्वाचन सामग्री कोई शराब हथियार अथवा दस हजार के मूल्य से अधिक की ऐसी उपहार वस्तु ले जा रही है जिसका इस्तेमाल निर्वाचक में प्रलोभन दिए जाने के लिए किए जाने की संभावना हो या बाहर में कोई अन्य गैरकानूनी वस्तु पाई जाती हैं तो जप्त किए जाने की शर्त के अधीन होगी। बैठक में सभी निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।

Posted By: Vikas Srivastava

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