संवाद सूत्र, राजनगर : आदिवासी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनोत सानो मुर्मू व सचिव सोमनाथ सोरेन ने 2021 की जनगणना में आदिवासियों के धर्म कोड के लिए अलग कालम उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा है कि अविलंब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इससे संबंधित विधेयक को पारित किया जाए और स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजी जाए, ताकि समय रहते जनगणना फार्म में कालम कोड की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। कहा, देश में कई अन्य धर्मो की अपेक्षा आदिवासियों की जनसंख्या अधिक है। इसके वाबजूद आदिवासियों को साजिश के तहत उनकी पहचान नहीं दी गई है। आदिवासी प्रकृति पूजक हैं। उनकी धार्मिक रीति-रिवाज व परंपराएं अन्य धर्मों से भिन्न है। आदिवासियों की पहचान बनाए रखने के लिए अलग धर्म कोड कालम की व्यवस्था जरूरी है। पूरे देश के आदिवासी जनगणना में धर्म कोड का कालम अलग चाहते हैं। सरकार को आदिवासियों के अस्तित्व व पहचान के प्रति गंभीर होना चाहिए।

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