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इंडिकेटर-पार्किंग लाइट बंद कर सड़कों पर खड़े ट्रक ले रहे जान, हर माह 15-17 लोगों की मौत; ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चालान काटने में मस्‍त

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:29 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क हादसों में हर महीने 15-17 लोगों की मौत हो रही है, जिसका मुख्य कारण सड़कों पर बिना इंडिकेटर खड़े भारी वाहन और तेज रफ्तार है।

ट्रैफिक पुलिस का ध्यान सिर्फ चालान काटने पर है, जबकि प्रशासन अब हाईकोर्ट के निर्देश पर हरकत में आया है और स्कूलों के लिए भी सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है।

ट्रैफिक पुलिस का ध्यान सिर्फ चालान काटने पर है, जबकि प्रशासन अब हाईकोर्ट के निर्देश पर हरकत में आया है और स्कूलों के लिए भी सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है।

HighLights

  1. बिना इंडिकेटर खड़े भारी वाहन हादसों की मुख्य वजह।

  2. ट्रैफिक पुलिस चालान पर केंद्रित, प्रशासन ने अब कदम उठाए।

जागरण संवाददाता, सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर महीने औसतन 15 से 17 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। 
 
हादसों की मुख्य वजह सड़कों के किनारे बिना इंडिकेटर या पार्किंग लाइट के अंधेरे में खड़े भारी वाहन हैं। इसके अलावा तेज रफ्तार, खराब सड़कें और जेब्रा क्रॉसिंग को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी भी मौतों के आंकड़ों को बढ़ा रही है।
 

ट्रैफिक पुलिस का ध्यान सिर्फ फाइन वसूलने पर 

जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाय पुलिस का पूरा ध्यान केवल हेलमेट और कागजात जांच के नाम पर जुर्माना वसूलने तक सीमित हो गया है। 
 
ट्रैफिक पुलिस पर भारी-भरकम राजस्व जुटाने का दबाव रहता है। बीते महीने ही वाहन चालकों से 14,22,900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
 
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि वसूली अभियानों के बावजूद हादसों का ग्राफ नीचे नहीं आ रहा, क्योंकि मूल समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
 

औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध पार्किंग बनी काल 

सरायकेला-कांड्रा, सरायकेला-राजनगर, चांडिल, आदित्यपुर-गम्हरिया और चौका जैसे प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग जानलेवा साबित हो रही है। 
 
कांड्रा ओवरब्रिज, कांड्रा चौक, अमलगम, आरकेएफएल, कोलाबिरा और चिलियामा में रूंगटा स्टील प्लांट के बाहर सड़कों पर बेतरतीब खड़े भारी वाहन यातायात में बड़ी बाधा बन रहे हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने जिले में घटीं 20 सड़क दुर्घटनाओं में 13 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
 

हाईकोर्ट के निर्देश पर जागा प्रशासन 

लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर झारखंड उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य के उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने खुद जिले का दौरा कर समीक्षा बैठक की। 
 
उन्होंने रूंगटा माइंस (राजनगर) के पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को वाहनों के सुरक्षित ठहराव व सुचारु आवागमन के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 

स्कूलों के लिए 11 सूत्री गाइडलाइन जारी 

सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने और हादसों को रोकने के उद्देश्य से जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्र ने सभी सरकारी, गैर-सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए 11 सूत्री दिशानिर्देश अनिवार्य कर दिए हैं।
 
प्रशासनिक बैठकों, सख्त निर्देशों और नई गाइडलाइंस के जारी होने के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि ये व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित रहेंगी या धरातल पर उतरकर लोगों की जान बचा पाएंगी।

सरायकेला-कांड्रा, सरायकेला-राजनगर, चांडिल, आदित्यपुर-गम्हरिया एवं चौका सहित प्रमुख मार्गों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों एवं अवैध पार्किंग के विरुद्ध नियमित एवं सघन जांच अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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नितिश कुमार सिंह, उपायुक्त सरायकेला-खरसावां