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सरायकेला में जंगली हाथी ने 60 साल की महिला को पटक-पटककर मार डाला, घर भी तोड़े; 2 घायल

By Venkateshwar RaoEdited By: Nishant Bharti
Published: Fri, 12 Jun 2026 12:34 PM (IST)

सरायकेला के ईचागढ़ में जंगली हाथी के हमले से 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई और दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं, उनके घर भी क्षतिग्रस्त हुए।

मृतका के आश्रित को मुआवजा राशि देते वनकर्मी

मृतका के आश्रित को मुआवजा राशि देते वनकर्मी

HighLights

  1. ईचागढ़ में हाथी ने 60 वर्षीय महिला को मार डाला।

  2. हाथी के हमले से दो अन्य महिलाएं घायल हुईं।

  3. वन विभाग ने 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया।

जागरण संवाददाता, मिलन चौक (ईचागढ़)। सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में हाथियों का उत्पात बदस्तूर जारी है। आए दिन जंगली हाथियों द्वारा जान-माल की क्षति पहुंचाई जा रही है। गुरुवार की रात काे भी जंगली हाथी ने एक वृद्ध महिला की जान ले ली। 

हाथी ने ईचागढ़ थाना क्षेत्र के लाबा टोला वनडीह में बीती रात को 60 वर्षीय चंपा सिंह मुंडा को पटक-पटक कर जान से मार दिया। वहीं चंपा सिंह मुंडा के मकान को भी नुकसान पहुंचाया।

मलबा में दबने से दोनों महिलाएं घायल

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात को चंपा सिंह मुंडा अपने घर से बाहर निकली ही थी कि जंगली हाथी की चपेट में आ गई। जंगली हाथी ने उसे मौके पर ही कुचल कर मार दिया। 

बताया जा रहा है कि जंगली हाथी ने ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के कुटाम गांव के निवासी सरला देवी व सुंदमनी देवी को भी घायल किया है। हाथियों द्वारा घर तोड़े जाने से मलबा में दबने से दोनों महिलाएं घायल हैं। दोनों घायलों का इलाज ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाजरत है।

50 हजार रुपये की मुआवजा राशि

घटना की सूचना मिलते ही वन रक्षी कैलाश महतो एवं ईचागढ़ पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे व लाश को अपने कब्जे में लेकर थाना परिसर में सुरक्षित रखा। ईचागढ़ थाना की पुलिस ने शुक्रवार की सुबह लाश काे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सरायकेला भेज दिया। 

वहीं वन विभाग द्वारा तत्काल 50 हजार रुपये मुआवजा राशि मृतक की बेटी मालती सिंह मुंडा को दिया गया। कागजी प्रक्रिया के बाद साढ़े तीन लाख रुप मुआवजा देने की बात कही गई।

जान व माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

मालूम हो कि ईचागढ़ के हाड़ात गांव में 24 अप्रैल को मां बेटी को हाथी द्वारा जान से मार दिया गया था। वहीं दो महिने के अंदर ईचागढ़ व तिरूलडीह थाना में 5 व्यक्तियों की हाथियों के साथ हुए मुठभेड़ में मौत चुकी है। 

जंगली हाथियों के आतंक के साये में रहने वाले ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से जान व माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली हाथियों के कारण किसान अब अपने खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं।