जागरण संवाददाता, सरायकेला : दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करने व हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए कुआं में फेंक देने के मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश एसएस दुबे की अदालत में साक्ष्य के आधार पर आरोपी पति मनोहर महतो, सास सुलोचना देवी को भादवि की धारा 304 बी के तहत दस साल व भादवि की धारा 201 के तहत तीन साल व दो हजार आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। अर्थ दंड नही देने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा दी जाएगी। सभी सजा साथ साथ चलेगी। वहीं मामले के अन्य दो आरोपी चाचा ससुर सुरेश महतो व पुष्पारानी महतो को साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।

मामले पर जानकारी देते हुए पीपी मणिकांत विजय किडो ने बताया कि इस मामले में 11 लोगों की गवाही हुई। गवाहों के बयान व तमाम सबूत के आधार पर अदालत ने आरोपी पति व सास को सजा सुनाई है। मामला राजनगर थाना के पहाड़पुर गांव के झालीडुंगरी की है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि राजनगर के बड़ाकांकी गांव निवासी पांडुराम महतो की बेटी मुनी महतो की शादी वर्ष 2010 में झालीडुंगरी के मनोहर महतो के साथ हुई थी। शादी के छह माह बाद ही पैसा व गाड़ी के खातिर प्रताड़ित किया जाने लगा। प्रताड़ित करने की सूचना पर कई बार समझौता भी हुआ फिर भी दहेज के खातिर मुनी हमेशा प्रताड़ित होने लगी। 12 दिसंबर 2014 की रात में मृतक के चाचा ससुर सुरेश महतो ने सूचना दिया कि मुनी रात में घर से कहीं चली गई है। सूचना के आधार पर काफी खोजबीन की गई। इसके बाद 14 दिसंबर को गांव के समीप कुआं में उसकी लाश बरामद की गई। उसके ससुराल वालों ने हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए कुआं में फेंक दिया था। मामले पर पति व सास को अदालत में साक्ष्य के आधार पर दोषी पाया गया। इसी आधार पर सजा सुनाई गई।

Posted By: Jagran

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