जागरण संवाददाता, सरायकेला : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है। इसी कड़ी में जिले के श्रमिक जो अन्य राज्यों में फस गए हैं उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास एवं जिला प्रशासन के नेतृत्व में अपने-अपने गंतव्य लाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से वापस आ रहे श्रमिकों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए सामुदायिक भवन सरायकेला परिसर में जिला स्तरीय रिसीविग सेंटर बनाया गया है। जहां ग्रीन जोन एवं ऑरेंज जोन से वापस आ रहे सभी श्रमिकों को जांचोपरांत होम क्वारंटाइन रहने के निर्देश के साथ घर पहुंचाया जा रहा है। वहीं रेड जोन से आ रहे सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखने के लिए जांचोपरांत प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है तथा सभी का सैंपल टेस्ट भी कराया जा रहा है। ऐसे व्यक्ति जिन्हें थर्मल स्कैनिग व स्वास्थ्य जांच के दौरान अस्वस्थ पाया जा रहा है उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में भेजने के साथ ही उनका सैंपल टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है। गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला बसारत कयूम एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला राकेश रंजन द्वारा रिसीविग सेंटर में विधि-व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। जांच के क्रम में रिसीविग सेंटर में आवश्यता को देखते हुए कुर्सी बढ़ाने, वेटिग सेड की क्षमता बढ़ाने एवं सभी श्रमिकों के आवश्यक जांच, थर्मल स्क्रीनिग करने एवं शारीरिक दूरी का अनुपालना सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यकतानुसार बैरीकेडिंग करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने सेंटर में उपस्थित सभी श्रमिकों को हर हाल में शारीरिक दूरी का अनुपालन करने तथा सभी को नियमित रूप से फेस मास्क का उपयोग करने की बात कही गई। निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा रिसीविंग सेंटर में प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मचारियों में इजाफा किया गया तथा सभी कर्मचारियों को श्रमिकों के बीच सजगता से शारीरिक दूरी का अनुपालन कराने एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्य करने का निर्देश दिया गया। मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी विजय कुजूर, प्रदीप कुमार सिंह एवं स्वास्थ विभाग के पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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