जागरण संवाददाता, सरायकेला : सरायकेला-खरसावां के 1310 विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं है। इन विद्यालयों में शिक्षा हासिल करने वाले बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं। सरकार भी इन विद्यालयों में चाहरदीवारी निर्माण को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। जिला सर्वशिक्षा अभियान द्वारा बिना चाहरदीवारी वाले विद्यालयों में निर्माण के लिए बजट बनाकर भेजा था, लेकिन सरकार की ओर से राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। विभागीय आंकड़े के अनुसार जिले में कुल एक हजार 706 सरकारी स्कूल हैं। इसमें से चार सौ स्कूल ही ऐसे हैं, जिसमें चाहरदीवारी है। बाकी स्कूलों की हालत बुरी है।

जानकारी के अनुसार जिले के 40 स्कूलों में चाहरदीवारी है, लेकिन अधिकतर स्कूलों की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। इन विद्यालयों की चाहरदीवारी निर्माण के लिए कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। केवल कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। जिले में दस ऐसे स्कूल हैं, जहां कंटीले तारों से घेराबंदी की गई है, लेकिन उसकी भी हालत खास्ता है। 46 ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर विद्यालय के शिक्षक और छात्रों की सकारात्मक सोच से पौधरोपण के जरिए विद्यालय की घेराबंदी की गई है। इस घेराबंदी से विद्यालयों में जानवरों के प्रवेश को रोका नहीं जा सकता है। स्कूलों में आवारा जानवर भी घुस जाते हैं। 35 ऐसे विद्यालय हैं, जिसकी घेराबंदी सही तरीके से नहीं की गई है। घेराबंदी का होना या नहीं होना बराबर है। शहरी क्षेत्र में कई ऐसे स्कूल हैं, जिसकी घेराबंदी होना आवश्यक है। इसके लिए कोई खास पहल नहीं की जा रही है। लिहाजा, बच्चे विद्यालय में शिक्षा जरूर ले रहे हैं, लेकिन वे सही मायने में सुरक्षित नहीं हैं। जिले में 70 ऐसे विद्यालय हैं, जो सड़क के किनारे हैं। इन विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण होना आवश्यक है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई प्रशासनिक पहल नहीं की गई है।

कोट:-

चाहरदीवारी निर्माण के लिए सर्व शिक्षा अभियान में राशि नहीं है। विधायक एवं सांसद निधि से कुछ विद्यालयों में चाहरदीवारी का निर्माण किया गया है और कुछ विद्यालयों में घेराबंदी का काम चल रहा है। उपायुक्त ने सीएसआर के तहत विद्यालय की घेराबंदी करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उपायुक्त ने सड़क के किनारे वाले विद्यालयों की सूची मांगी थी। उपायुक्त के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त को सड़क किनारे स्थित बिना चाहरदीवारी विद्यालयों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।

फूलमनी खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां

Posted By: Jagran

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