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    Jharkhand: बंद पड़े स्कूल भवन में चल रहा था नशे का अवैध कारोबार, छापेमारी में 30 पेटी नकली शराब जब्त

    By Gurdeep RajEdited By: Yashodhan Sharma
    Updated: Tue, 29 Aug 2023 04:37 AM (IST)

    खरसवां में जिले के नये पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार के निर्देश जिला पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान तेज कर दिया है। सोमवार देर शाम को अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी में पुलिस को सफलता हाथ लगी। खरसावां पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बोरडीह के बंद पड़े स्कूल भवन में अवैध रूप से शराब बनाने के साथ-साथ बिक्री का काम हो रहा है।

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    बंद पड़े स्कूल भवन चल रहा था नशे का अवैध कारोबार, पुलिस छापेमारी में 30 पेटी नकली शराब जब्त

    संवाद सूत्र, खरसावां: झारखंड के खरसवां में जिले के नये पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार के निर्देश जिला पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान तेज कर दिया है।

    सोमवार देर शाम को अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी में पुलिस को सफलता हाथ लगी। खरसावां पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बोरडीह के बंद पड़े स्कूल भवन में अवैध रूप से शराब बनाने के साथ-साथ बिक्री का काम हो रहा है।

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    सूचना के आधार पर बोरडीह गांव स्थित बंद पड़े एक सरकारी स्कूल भवन का ताला तोड़कर छापेमारी की गई।खरसावां पुलिस ने प्रखंड के बोरडीह गांव स्थित एक बंद पड़े स्कूल से 30 पेटी नकली शराब के साथ-साथ कई अन्य सामान बरामद किया है, जबकि आरोपी भागने में सफल रहा।

    शराब कारोबारी की मिली पहचान

    छापेमारी के दौरान किंग गोल्ड, मैकड्वेलन वन व अलग-अलग ब्रांड की 30 पेटी नकली शराब, तीन पेटी खाली बोतल, चार बंडल ढक्कन, दो पेटी शराब बोतल के स्टीकर, स्प्रिट, प्लास्टीक का पांच ड्रम समेत अन्य सामान भी बरामद किये है।

    इधर, छापेमारी के लिये पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही अवैध शराब का संचालक फरार हो गया। खरसावां थाना प्रभारी पिंटू कुमार महथा ने बताया कि अवैध शराब कोराबारी की पहचान कर ली गई है।

    उन्होंने बताया कि शराब का कारोबारी खरसावां के दलाईकेला गांव का है व उसकी गिरफतारी के लिये छापेमारी की जा रही है।

    थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ नियमित रुप से अभियान चलेगा। छापेमारी अभियान में थाना प्रभारी पिंटू महथा, सअनि महेंद्र प्रसाद समेत सशस्त्र बल के अन्य जवान शामिल थे।

    चार साल से बंद है स्कूल

    मालूम हो कि बोरडीह गांव स्थित जिस स्कूल भवन से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, करीब चार वर्ष पूर्व वहां पढ़ाई होती थी।

    बाद में बोरडीह स्कूल को पास के एक अन्य स्कूल में विलय कर दिया गया। इसके बाद से ही स्कूल का भवन बंद पड़ा हुआ था।