फोटो संख्या 06- सड़क जाम करते ग्रामीण। फोटो संख्या 07- घटनास्थल पर रोते-बिलखते परिजन। फोटो संख्या 08- सड़क से ट्रक हटाते क्रेन। फोटो संख्या 09- ट्रक से दबकर चकनाचूर हुई साइकिल। फोटो संख्या 10- ग्रामीणों की पिटाई से घायल चालक नायो सरदार। फोटो संख्या 11- ग्रामीणों की मार से घायल खलासी रंजन सरदार। फोटो संख्या 12- मृतक के पिता सेलाई अमंग। फोटो संख्या 13- सड़क जाम में फंसी वाहनों की लंबी कतारें। जागरण संवाददाता, सरायकेला : सरायकेला-खरसावा मुख्य मार्ग पर वीरामचंद्रपुर के पास रविवार सुबह नौ बजे दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में एक साइकिल सवार युवक की जान चली गई। रामचंद्रपुर गाव के पास एक ट्रक साइकिल सवार को टक्कर मारने के बाद साइकिल सवार के ऊपर ही पलट गया। इससे साइकिल सवार विकास अमन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। विकास अमंग अपने मामा के घर जा रहा था। दुर्घटना के बाद आसपास के लोग जमा हो गए और मुआवजा की माग को लेकर सड़क जाम कर दिया। अंचलाधिकारी कुमारी गीतांजलि एवं थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय काफी मुशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझाकर सड़क जाम हटाया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक और खलासी को खदेड़कर पकड़ा। एक पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। समय पर पुलिस पहुंचकर दोनों को ग्रामीणों चंगुल से छुड़ाकर थाने ले गई। सरायकेला पुलिस ने चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार सुबह साढ़े नौ बजे के लगभग टाटा 407 ट्रक आलू लेकर काफी तेज गति से खरसावां जा रहा था। इस बीच वीरामचंद्रपुर गांव के पास अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इससे एक साइकिल सवार युवक उसकी चपेट में गया। अपने मामा घर से आ रहे गांव के विकास अमंग (20) ट्रक के नीचे दब गया। इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। ट्रक पलटते ही आस-पास के लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और ट्रक के नीचे से विकास को बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

विरोध में ग्रामीणों ने गांव के पास सड़क पर ब्रेकर बनाने एवं मृतक के आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घटना की सूचना पाकर अंचलाधिकारी कुमारी गीतांजलि एवं थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सड़क जाम हटाने के लिए ग्रामीणों को समझाने लगे, परंतु ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे। काफी जद्दोजहद के बाद अंचलाधिकारी के समझाने एवं तत्काल बीस हजार रुपये की सरकारी मुआवजा देने तथा इंश्यूरेंस के माध्यम से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने का अश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद साढ़े दस बजे के लगभग ग्रामीणों ने जाम हटाया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल पहुंचाया। ड्राइवर-खलासी को पेड़ में बांधकर ग्रामीणों ने जमकर पीटा

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक और खलासी को पेड़ में बांध दिया। इसके बाद दोनों को जमकर पीटा। समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना घट सकती थी। तेज गति से आलू लेकर जा रहे ट्रक वीरामचंद्रपुर में पलटने के बाद चालक नायो सरदार व खलासी रंजन सरदार भागने लगे, परंतु ग्रामीणों ने दोनों को खदेड़ कर पकड़ा। पेड़ में बांधकर पीटने लगे। जो भी जाता अपना हाथ साफ कर देता। ग्रामीणों की मार से दोनों को गंभीर चोटें लगी हैं। इस बीच पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाई। दोनों को उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया। यहां दोनों का इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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परिवार का एकलौता सहारा था विकास

मृतक विकास के पिता सेलाई अमंग ने बताया कि उनके दो बेटे थे। छोटा बेटा का भी एक सड़क दुर्घटना में दोनों पैर टूट गया है। वह चलने-फिरने से असमर्थ है। बड़ा बेटा विकास अमंग मेहनत-मजदूरी कर परिवार चला रहा था। विकास ही पूरे परिवार का एकलौता सहारा था। कल वह अपने मामा घर गया था। आज वहां से वापस आ रहा था। इसी बीच ट्रक से दब कर उसकी मौत हो गई। अब परिवार चलाने के लिए किसी का सहारा नही रह गया। बेटे की मौत पर मृतक की मां घटनास्थल पर दहाड़ मारकर रो रही थी। अन्य परिजन दोनों को सांत्वना दे रहे थे।

Posted By: Jagran

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