जागरण संवाददाता, सरायकेला : गम्हरिया थाना के ¨बदापुर- पाथरडीह के सैकड़ों ग्रामीणों ने समाजसेवी राज वरदा की हत्या के विरोध में जिला पुलिस के समक्ष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एसपी से राज वरदा के हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की। राज वरदा की हत्या छह फरवरी को गला रेतकर कर दी गई थी।

¨बदापुर और पाथरडीह के सैकड़ों ग्रामीण जुलूस की शक्ल में पुलिस कार्यालय पहुंचे। सरकार, जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुए उन्होंने राज वरदा के हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने, क्षेत्र में हो रहे अवैध शराब धंधे को बंद कराने तथा पुलिस चौकी बनाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद ग्राम सभा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसकी प्रतिलिपि राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी झारखंड, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, आयुक्त व उपायुक्त को दी गई। ज्ञापन में ग्रामसभा एवं महिला समिति ने पुलिस अधीक्षक को से कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता राज वरदा हत्याकांड की गहराई से जांच कर जनता में व्याप्त भय को दूर किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि ¨बदापुर में जिस तरीके से राज वरदा की हत्या हुई है, इससे क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही जनमानस में पुलिस पब्लिक संवाद को उचित दिशा में काम करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने कहा कि गम्हरिया थाना के ¨बदापुर को अपराधियों की शरणगाह के रूप में जाना जाता है। प्रशासन को सूचना के बावजूद इस क्षेत्र में कई साल से अवैध शराब का व्यवसाय कुटीर उद्योग के रूप में फलफूल रहा है। इस कारण क्षेत्र में कई हत्याएं हुई है। उन्होंने बताया कि गांव की कुछ महिलाओं का कहना है कि राज वरदा की हत्या करने से पहले सभी आरोपित एक अवैध शराब भट्ठी में बैठ कर शराब पिया था। शराब पीते हुए वे राज वरदा की हत्या करने की बात कर रहे थे। ऐसी परिस्थिति में अगर अवैध शराब विक्रेता प्रशासन या गांव के लोगों को जानकारी देता तो राज वरदा की हत्या रोकी जा सकती थी। परंतु अवैध शराब विक्रेता ने गांव की कानून व्यवस्था को चुनौती देने का काम किया। इसकी जांच की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि राज वरदा एक सामाजिक कार्यकर्ता था और क्षेत्र में समाज सुधार की दिशा में काम करते हुए विकास योजनाओं को सही तरीके से क्रियान्वयन के लिए तत्पर रहते थे। उन्होंने सड़क निर्माण की अनियमितता को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया था। इस कारण कुछ लोग उनसे ईष्र्या करते थे। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि राज वरदा के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए हत्याकांड के उद्भेदन की सही दिशा में कार्रवाई की जाए। अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस चौकी स्थापित की जाए। अवैध शराब दुकानों को बंद कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मृतक का भाई विष्णु वरदा, डेमका सोय, कान्हू मुर्मू, बाबूलाल मुर्मू, सागर बेसरा, विजोय मुर्मू, पानोसोती मार्डी, पार्वती मार्डी, मायना मुर्मू व गांगी गोडसोरा समेत सैकड़ों महिला व पुरुष शामिल थे।

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जमीन विवाद के नाम पर शराब माफियाओं ने मेरे बड़े भाई राज वरदा की हत्या कर दी। मेरे भाई सामाजिक कार्यकर्ता थे। क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास के लिए जागरूक करते थे। वे अवैध शराब धंधे के विरोधी थे। लोगों को नशाखोरी से बचने के लिए जागरूक करते थे। इसे लेकर शराब माफियाओं ने उनकी हत्या कर दी।

विष्णु वरदा, मृतक के भाई क्षेत्र में वर्षों से अवैध शराब का धंधा चल रहा है। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि भी संलिप्त हैं। मुखिया से वार्ड सदस्यों के घर में अवैध शराब की बिक्री होती है। पूरे क्षेत्र में अवैध शराब कुटीर उद्योग बन गया है।

पूर्व मुखिया कान्हू मुर्मू।

Posted By: Jagran