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खरसावां के जोजो गांव में गूंजी मांदर की थाप; प्रकृति पर्व 'सरहुल' पर झूम उठा आदिवासी समाज

Published: Mon, 30 Mar 2026 11:37 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां जिले के जोजो गांव में आदिवासी भूमिज मुंडा समाज ने धूमधाम से सरहुल महोत्सव मनाया। प्रकृति की उपासना के ...और पढ़ें

पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य करते आदिवासी जनजात‍ि।

पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य करते आदिवासी जनजात‍ि।

HighLights

  1. पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना, सरई फूल धारण की परंपरा।

  2. विधायक दशरथ गागराई ने प्रकृति संरक्षण पर जोर दिया।

संवाद सूत्र, खरसावां । सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जोजो गांव में सोमवार को आदिवासी भूमिज मुंडा समाज के तत्वावधान में सरहुल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रकृति की उपासना के इस महापर्व में पूरा क्षेत्र मांदर और नगाड़ों की थाप पर झूम उठा। 

 

पारंपरिक रीति-रिवाज से हुई पूजा 

नाया गणेश सरदार द्वारा जाहेर थान (सरना स्थल) में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने पारंपरिक तरीके से अपने-अपने कानों पर सरई (सखुआ) का फूल लगाकर 'सरखोसी' की परंपरा निभाई। ग्रामीणों ने अच्छी फसल और सुख-समृद्धि की कामना की। 

 

प्रकृति और मानव का अटूट संबंध: विधायक 

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित विधायक दशरथ गागराई ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का अस्तित्व प्रकृति से जुड़ा है। 
 
यह पर्व हमें जल-जंगल-जमीन के संरक्षण व संवर्धन की प्रेरणा देता है। जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी सरदार ने भी सरहुल को सामुदायिक एकता और जनजातीय परंपराओं का जीवंत उदाहरण बताया।

 

मांदर की थाप पर थिरके कदम 

पूजा-अर्चना के बाद उत्सव का माहौल सांस्कृतिक रंग में रंग गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे पुरुष और महिलाओं ने मांदर और नगाड़ों की गूंज पर सरहुल गीतों के साथ सामूहिक नृत्य किया। इस दौरान 'लय से लय' मिलाते ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। 

इस अवसर पर विधायक दशरथ गागराई और जिप सदस्या लक्ष्मी सरदार के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता बासंती गागराई, मुखिया मीना माझी, लव किशोर सरदार, पार्वती सरदार, रामु सरदार, दिवाकर सरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।