संवाद सूत्र, खरसावां : खरसावां-रड़गांव सड़क सात साल से निर्माणाधीन है। इसे अभी तक पूरा नहीं की गई है। करोड़ों रुपये खर्च हो गए हैं, फिर भी सड़क सात साल में पूरी नहीं हुई। यह सड़क खरसावां को एनएच-33 से जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच सरायकेला के सदर एसडीओ डॉ. बशारत कयूम करेंगे।

लोकसभा चुनाव से पहले सरायकेला के तत्कालीन सांसद कड़िया मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित दिशा की अंतिम बैठक में स्थानीय विधायक दशरथ गागराई समेत अन्य सदस्यों ने खरसावां-रड़गांव सड़क निर्माण कार्य में काफी बिलंब होने तथा अनियमितता बरते जाने का मामला उठाया था। उस समय कड़िया मुंडा ने प्रशासनिक पदाधिकारियों को सड़क की जांच के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने सड़क जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। सरायकेला के सदर एसडीओ डॉ. बशारत कयूम ने इस बावत विधायक दशरथ गागराई को पत्र लिखकर जांच टीम के साथ उपस्थित रहने का आग्रह किया है। इस सड़क निर्माण में की गई व्यय की विवरणी तथा भौतिक स्थिति की जांच जिला स्तरीय टीम द्वारा की जाएगी। काम में हो रही धीमी प्रगति के कारण पिछले सात साल में भी सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। सड़क निर्माण से पहले जगह जगह सड़क उखड़ने लगी है। इस कारण सड़क पर अक्सर दुर्घटनाएं हो रही है।

Posted By: Jagran

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