विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरायकेला में उफान पर नदियां: चांडिल डैम के खुले 13 रेडियल गेट, खरकई खतरे के निशान के पार

Published: Mon, 31 Aug 2026 03:56 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां में लगातार बारिश से खरकई, सोना और संजय नदियां उफान पर हैं, जिसमें खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खरकई का जलस्‍तर बढ़ गया है।

सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खरकई का जलस्‍तर बढ़ गया है।

HighLights

  1. खरकई नदी खतरे के निशान से 1.44 मीटर ऊपर।

  2. चांडिल डैम के 13 रेडियल गेट खोले गए।

  3. ओडिशा के डैम और गाजिया बराज के गेट भी खुले।

जागरण संवाददाता, सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खरकई, सोना और संजय नदियां उफान पर हैं। 
 
सोना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई पुल-पुलिया पानी में डूब गए थे, हालांकि अब वहां स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। दूसरी ओर, खरकई नदी का जलस्तर लगातार गंभीर रूप धारण किए हुए है।
 

खतरे के निशान से ऊपर बह रही खरकई नदी 

आदित्यपुर स्थित खरकई ब्रिज पर नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर 12 बजे तक खतरे के निशान (129 मीटर) को पार कर 130.44 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के स्तर से 1.44 मीटर ऊपर है। 
 
सरायकेला क्षेत्र में भी नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में हैं और नदी तटों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
 

चांडिल डैम से छोड़ा जा रहा लगातार पानी 

चांडिल डैम में पानी की अत्यधिक आवक को देखते हुए पिछले एक सप्ताह से इसके 13 रेडियल गेट 1-1 मीटर तक खोले गए थे। डैम का जलस्तर 183 मीटर तक पहुंचने से निचले और आसपास के गांवों में डूब का खतरा मंडराने लगा था। 
 
जलस्तर नियंत्रित करने के लिए खोले गए गेटों के कारण वर्तमान में पानी घटकर 179.26 मीटर पर आ गया है। स्थिति को देखते हुए सोमवार को 13 गेटों की ऊंचाई घटाकर आधा-आधा मीटर कर दी गई है। 
 
हालांकि, जल संसाधन विभाग प्रति घंटे जलस्तर की निगरानी कर रहा है और बारिश बढ़ने पर गेट दोबारा 1 मीटर तक खोले जा सकते हैं।
 

ओडिशा के डैम और गाजिया बराज के भी खुले गेट 

पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी भारी बारिश से स्थिति विकट है। रायरंगपुर स्थित बैंकबल डैम (जलस्तर 303.29 मीटर) और खरकई डैम (जलस्तर 311.80 मीटर) का दबाव कम करने के लिए दोनों के दो-दो रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। 
 
इसके अलावा, गाजिया बराज का जलस्तर 135.00 मीटर तक पहुंचने पर उसके भी आठ रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।