खरसावां में जंगली हाथियों का आतंक: बच्चों का निवाला चट कर स्कूल के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ीं, दहशत में ग्रामीण
खरसावां क्षेत्र में 17 जंगली हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है, जिससे धान की फसल और एक प्राथमिक विद्यालय को भारी नुकसान हुआ है।

हाथियों के झुंड ने लाल बाजार, विषेयगोड़ा और रामपुर के आसपास के गांवों में जमकर उत्पात मचाया।
HighLights
17 जंगली हाथियों ने खरसावां में मचाया उत्पात।
धान की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया।
संवाद सूत्र,खरसावां । पश्चिमी सिंहभूम के खरसावां क्षेत्र में जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
धान की फसल अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई है कि 17 जंगली हाथियों का यह झुंड इलाके में आ धमका है। वर्तमान में हाथियों का यह झुंड रामपुर और काशीडीह के जंगलों में डेरा डाले हुए है।
हाथियों की इस अचानक दस्तक से किसानों और स्थानीय लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। बीते रविवार की रात जंगली हाथियों के झुंड ने लाल बाजार, विषेयगोड़ा और रामपुर के आसपास के गांवों में जमकर उत्पात मचाया।
हाथियों ने खेतों में लहलहाती धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में घुसकर हाथियों ने न केवल धान की फसल को खाया, बल्कि अपने पैरों तले रौंदकर उसे पूरी तरह से बर्बाद भी कर दिया।
इसी झुंड में से एक जंगली हाथी भटकते हुए लाल बाजार गांव स्थित नव प्राथमिक विद्यालय पहुंच गया। रात करीब 12 से 1 बजे के बीच हाथी ने स्कूल के किचन का दरवाजा और कार्यालय की खिड़की को पूरी तरह तोड़ दिया।
इसके बाद हाथी ने विद्यालय में बच्चों के मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के लिए रखे गए एक बोरा चावल को चट कर लिया और अंदर रखे सामान को भी नुकसान पहुंचाया।
सुबह जब ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे दंग रह गए। विद्यालय परिसर में हाथी के प्रवेश और तोड़फोड़ की इस घटना से स्कूली बच्चों के अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने और हाथियों के इस झुंड को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है, ताकि जनजीवन और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
