खदान ब्लास्टिंग का कहर: फर्श से निकल रहा पानी, टुलू पंप से सुखाया जा रहा घर; जानिए फूफाडीह का दर्द
राज नगर के फूफाडीह बाड़ेडीह गांव में पत्थर खनन से हो रही ब्लास्टिंग के कारण ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो ...और पढ़ें

राजनगर प्रखंड के फुफडीह बाड़ेडीह गांव में सांसद जोबा माझी पहली बार सांसद के रूप में पहुंचीं।
HighLights
फूफाडीह गांव में पत्थर खनन से ब्लास्टिंग का कहर जारी।
घरों की दीवारों में दरारें, फर्श से पानी का रिसाव।
सांसद जोबा माझी ने ग्रामीणों को जांच का आश्वासन दिया।
संवाद सूत्र, राजनगर। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत फूफाडीह बाड़ेडीह गांव में पत्थरों के खनन और क्रेशर संचालन से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
गांव से महज 300 मीटर दूर पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड (मौजा सोनापोस व डाटोबेड़ा) में चल रहे पत्थर खनन में होने वाली ब्लास्टिंग से फूफाडीह बाड़ेडीह गांव में दहशत का माहौल है।
लगातार ब्लास्टिंग के कारण गांव के कई घरों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं, वहीं कई मकानों के फर्श से पानी निकल रहा है।
समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों से मिलने और स्थिति का जायजा लेने सांसद जोबा माझी पहली बार गांव पहुंचीं। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले कोई सांसद इस क्षेत्र में नहीं आया था।
दो वर्षों से भयावह स्थिति का सामना कर रहे ग्रामीण
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्षों से वे इस भयावह स्थिति का सामना कर रहे हैं। 500 फीट से अधिक गहराई तक की गई खुदाई के कारण भूगर्भ जलस्तर का प्रवाह बदल गया है।
इससे घरों के अंदर से पानी फूटकर निकल रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि चूल्हा जलाना तक मुश्किल हो गया है और कमरों से पानी बाहर निकालने के लिए टुलू पंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान का मकान ढहने की कगार पर
इस खनन से सबसे अधिक प्रभावित ग्राम प्रधान पृथ्वी सोरेन का परिवार हुआ है। उनके मकान की दीवारें और फर्श पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और घर ढहने की कगार पर है।
स्थिति विकट होने के कारण ग्राम प्रधान को अपने पूरे परिवार के साथ गांव के सरकारी भवन बिरसा उद्यमिता केंद्र में शरण लेनी पड़ी है।
सांसद ने दिया जांच का आश्वासन
ग्रामीणों ने सांसद जोबा माझी को ज्ञापन सौंपकर मामले की प्रशासनिक जांच कराने और जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद ने क्षतिग्रस्त मकानों का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा की संबंधित कमेटी के समक्ष रखकर जांच कराई जाएगी और प्रभावितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की पहल की जाएगी।
