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झारखंड वेदर अलर्ट: खरकई का जलस्तर 133 मीटर पहुंचा, सरायकेला के निचले इलाकों में घुसा पानी; अलर्ट जारी

Published: Tue, 01 Sep 2026 07:49 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां में तीन दिनों की भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, खरकई नदी खतरे के निशान से 4.35 मीटर ऊपर बह रही है।

कोल्‍हान में लगातार हो रही बारिश के कारण सरायकेला में खरकई नदी का जलस्‍तर बढ़ गया है।

कोल्‍हान में लगातार हो रही बारिश के कारण सरायकेला में खरकई नदी का जलस्‍तर बढ़ गया है।

HighLights

  1. खरकई नदी खतरे के निशान से 4.35 मीटर ऊपर।

  2. गंजिया बराज के 15 रेडियल गेट खोले गए।

  3. प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया।

जागरण संवाददाता, सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले में बीते तीन दिनों से हो रही मुसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 
 
लगातार जारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है।
 

खतरे के निशान से 4.35 मीटर ऊपर खरकई 

सरायकेला और आदित्यपुर क्षेत्र से गुजरने वाली खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आदित्यपुर स्थित खरकई ब्रिज के पास शाम छह बजे नदी का जलस्तर 133.35 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 4.35 मीटर ऊपर है। 
 
नदी के बढ़ते रौद्र रूप से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। जलभराव की आशंका के कारण लोग रातभर जागकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं।
 

गंजिया बराज के 15 रेडियल गेट खोले गए 

पानी के अत्यधिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए गंजिया बराज के 15 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। बराज में जलस्तर 138.30 मीटर तक पहुंच चुका है। 
 
जहां से बड़े पैमाने पर पानी की निकासी की जा रही है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और विकराल हो सकती है।
 

प्रशासन अलर्ट मोड पर, तटीय क्षेत्रों में चेतावनी 

बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। निचले और नदी तटीय क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। 
 
प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति की 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। लोग बाढ़ के डर से रात भर जगकर गुजार रहे हैं।