यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिनभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा, शाम में बैरंग लौटी पुलिस
आवास बोर्ड के अतिक्रमण हटाओं अभियान को रोकने के लिए दूसरे दिन हाईवोलटेज ड्रामा चलता रहा

दिनभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा, शाम में बैरंग लौटी पुलिस
संसू, आदित्यपुर : शनिवार को दूसरे दिन आवास बोर्ड की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। स्थानीय महिलाओं व पुरुषों ने सैंकड़ों की संख्या में आवास बोर्ड के इस अभियान का विरोध किया। अभियान की शुरुआत आरआइटी थाना परिसर से शुरू हुई। इस दौरान स्थानीय लोग सैकड़ों की संख्या में आरआइटी थाना पहुंचे और आवास बोर्ड की कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में में आवास बोर्ड का बुलडोजर जैसे ही रिक्शा कालोनी खटाल की ओर मुड़ा, स्थानीय लोगों ने एमआइजी नाला के समीप बुलडोजर को घेर लिया। इस दौरान सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बुलडोजर स्थानीय लोग आवास बोर्ड के बुलडोजर को घेरे रहे। अंतत: आवास बोर्ड का बुलडोजर वापस लौट गया। दंडाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर आदित्यपुर में 141 अतिक्रमणकारियों के कब्जे से आवास बोर्ड की जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण अतिक्रमण हटाओ अभियान सफल नहीं हो पाया। इस अभियान का विरोध करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। सहायक अभियंता ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है।
कीमत वसूले आवास बोर्ड, मकान न तोड़ें : आवास बोर्ड की ओर से की जा रही कार्रवाई के दौरान आवासीय संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष गणेश महाली, इंटक के प्रदेश सचिव अंबुज कुमार, नगर कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सिंह, मोदी फैंस क्लब के संरक्षक सतीश शर्मा समेत कई नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आवास बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन किया। इस दौरान सभी ने कहा कि 40 वर्ष से लोग संबंधित स्थानों पर रह रहे हैं। उनका आशियाना तोड़ना गलत है। संबंधित जमीन पर रह रहे लोग आवास बोर्ड को लोग पैसा देने के लिए तैयार हैं। नियमानुसार 10 वर्ष से रह रहे लोगों के नाम प्लाट आवंटित करने का प्रावधान है। इसलिए उस प्रावधान के तहत संबंधित लोगों को जमीन आवंटित किया जाए।
कार्रवाई के दो माह पूर्व आवास बोर्ड को जारी करना है नोटिस : इंटक नेता जितेंद्र मिश्रा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आवास बोर्ड ने कोर्ट के आदेश को उल्लंघन किया है। वर्ष 2017 में राधा देवी ने आवास बोर्ड के अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरुद्ध न्याय के लिए उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी। उस समय कोर्ट ने आदेश दिया था कि कार्रवाई करने के दो माह पूर्व आवास बोर्ड की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी करना होगा। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी, परंतु आवास बोर्ड की ओर से अब तक किसी प्रकार का नोटिस जारी नहीं किया गया। इस मामले को लेकर जल्द ही न्यायालय की शरण में जाएंगे। मौके पर संतोष बाउरी, ललन मिश्रा, उत्तम बाउरी, गौतम बाउरी समेत बाउरी बस्ती के कई लोग उपस्थित थे।
