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पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती का समापन

गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत विजय ग्राम स्थित विजय तरण आश्रम में रविवार को पूर्णाहुति व बालक भोजन के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह का समापन हुआ।

By JagranEdited By: Published: Mon, 09 Dec 2019 12:03 AM (IST)Updated: Mon, 09 Dec 2019 06:16 AM (IST)
पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती का समापन
पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती का समापन

जासं, सरायकेला : गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत विजय ग्राम स्थित विजय तरण आश्रम में रविवार को पूर्णाहुति व बालक भोजन के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह का समापन हुआ। जिसका शुभारंभ शुक्रवार को कलश स्थापना व गंधाधिवास के साथ हुआ था। समारोह में स्थानीय एवं दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। समारोह में तीनों दिनों तक नियमित रूप से आरती व गीता पाठ, गीता प्रवचन, संध्या आरती एवं शिव मोहिमा स्तोत्रम, प्रसाद सेवन आदि का आयोजन किया गया। रविवार को आरती एवं श्री विष्णु सहस्त्र नाम, गीता पाठ तथा पूर्णाहुति एवं बालक भोजन का आयोजन किया गया। मंत्रोच्चारण की ध्वनि गूंजती रही। आश्रम के संस्थापक मृत्युंजय ब्रह्मचारी बाबा ने मंत्रोच्चारण के साथ पूर्णाहुति का अनुष्ठान किया। साथ ही क्षेत्र की शांति एवं समृद्धि की कामना की गई। इस मौके पर पड़ोसी राज्य ओडिशा, बंगाल एवं बिहार से भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं आए। जयंती अनुष्ठान का संचालन एवं पूजा-अर्चना में पूरी से आए पंडित अनंत गोपाल दास, लिगराज षाड़ंगी, दयानिधि द्विवेदी, राजेंद्र चतुर्वेदी, बाबू लाल आचार्य, काशीनाथ मिश्रा व धीरेंद्र महापात्र तथा दुगनी के आचार्य ज्ञानानंद ज्योतिष व विजय आचार्य ने भूमिका निभाई। इस दौरान प्रतिवर्ष की भांति आश्रम के बाहर मेला भी लगा था।

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