संवाद सूत्र, खरसावां : खरसावां विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा को दुरुस्त करने की मांग को लेकर भाजपा ने गुरुवार को जिलाध्यक्ष विजय महतो के नेतृत्व में राजखरसावां से खरसावां तक पदयात्रा निकाली। इसके बाद राज्यपाल के नाम बीडीओ गौतम कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कुचाई स्थित बंद पड़े कल्याण विभाग के अस्पताल को जल्द से जल्द चालू करने, खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर चालू करने, पीपीपी मोड पर खरसावां के हरिभंजा में संचालित पीएम में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की पदस्थापना कर पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध कराने, आइपीडी की सुविधा उपलब्ध कराने, दितसाही में निर्माणाधीन पीएचसी को अविलंब चालू करने, सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक व बेड की व्यवस्था करने, खरसावां सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पदयात्रा में पूर्व जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव, महिला मोर्चा की मोनिका घोष, उप प्रमुख अमित केशरी, सुधीर मंडल, मंगल सिंह मुंडा, प्रशांत महतो, होपना सोरेन, बद्री दारोगा, प्रदीप सिंहदेव, मोंटी सेन गुप्ता, मंजू बोदरा, रीता दुबे, जीतवाहन मंडल, मुजाहिद खान, मंगल जामुदा, अभिषेक आचार्य, अभिजीत दत्ता, अश्विनी सिंहदेव, रघुनाथ सिंह, विवेका प्रधान, मनोज शर्मा, प्रकाश मुखी, राजेन्द्र प्रधान, नयन नायक, पिकी मोदक, मनोज तिवारी, सुशील षाड़ंगी, प्रभा मंडल, अनीसा सिन्हा आदि शामिल थे। आमदा में निर्माणाधीन 500 बेड के अस्पताल को चालू कराने की मांग : जिलाध्यक्ष विजय महतो ने कहा कि खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास 11 साल पूर्व हुआ था, लेकिन अब भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। अस्पताल निर्माण के लिए 152 करोड़ रुपये में से 102 करोड़ की निकासी हो चुकी है। अस्पताल का करीब 60 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ है। जल्द से जल्द अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण कर इसे चालू किया जाए। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा। कुचाई के कल्याण अस्पताल को चालू कराने की मांग : पूर्व जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव ने कहा कि अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्रित्व काल में कुचाई प्रखंड में अजजा/अजा कल्याण विभाग की ओर से कल्याण अस्पताल की शुरुआत की गई थी। इस अस्पताल से लोग लाभान्वित हो रहे थे। अब राज्य सरकार की अनदेखी के कारण आवंटन के अभाव में कल्याण अस्पताल (मेसो अस्पताल) बंद हो गया। अब इस अस्पताल में मरीजों का इलाज तक नहीं किया जा रहा है। कोरोना काल में लोग इलाज के लिए तरह रहे हैं। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा के मामले में खरसावां के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

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