संवाद सूत्र, खरसावां : खरसावां वन क्षेत्र के चिलकु व आस पास के गांवों में पांच जंगली हाथियों ने गुरुवार रात धान की फसल को खाने के साथ साथ पैरों से रौंदकर बर्बाद कर दिया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने हाथियों को गांव से जंगल की ओर खदेड़ा। पांच हाथियों का झूंड खरसावां के काशीडीह जंगल में डेरा डाले हुए हैं। शाम होते ही जंगली हाथियों के चिघाड़ से गांव दहल रहे हैं। चिलकु व आस पास के गांवों में जंगली हाथियों ने बलभद्र महतो, शरत महतो, विनोद महतो, भाग्यवान गांगुली, विश्वनाथ महतो, हरिमोहन महतो, शिव महतो समेत अन्य किसानों के धान के खेतों को नुकसान पहुंचाया है।

हाथियों द्वारा धान के फसलों को बर्बाद करने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम चिलकु तथा आसपास के गांवों में जाकर हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का जायजा लिया। वन क्षेत्र पदाधिकारी केके साह ने किसानों से मुआवजा के लिए वन विभाग कार्यालय में आवेदन जमा करने को कहा। उन्होंने बताया कि हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का मुआवजा किसानों को मिलेगा। किसानों का कहना है कि इस वर्ष काफी कम बारिश होने के कारण ऐसे ही काफी कम जमीन पर धान की खेती हुई है। काफी मुश्किल से किसानों ने जो भी थोड़ा-बहुत धान की खेती की है, उसे भी जंगली हाथी बर्बाद कर रहे हैं। किसानों ने हाथियों को दूर जंगल में खदेड़ने की मांग की है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप