संसू, ईचागढ़ : तिरुलडीह थाना क्षेत्र के सापारुम गांव में जंगली हाथी ने शनिवार की देर शाम एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी मिलने के बाद घरवाले ग्रामीणों की मदद से उसे गंभीर हालत में तिरुलडीह पीएचसी ले गए। जहां चिकित्सकों के नहीं होने के कारण उसे ईचागढ़ सीएचसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। युवक की पहचान सापारुम निवासी सुखराम तंतुबाई उर्फ टेम्पा (40) के रूप में हुई है।

घरवालों का कहना है कि सुखराम शाम करीब चार को धान की फसल देखने खेती की ओर गया था। देर शाम तक घर नहीं आने पर घरवाले और उसके पड़ोसी उसकी खोजबीन शुरू की। खोजबीन के दौरान वह सापारुम के जंगल में अचेतावस्था में मिला। जिसके बाद उसे 108 एम्बुलेंस बुला कर ईचागढ़ सीएचसी ले गए। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि सामारुम जंगल में आधा दर्जन हाथियों का एक झुंड डेरा जमाए हुए हैं। हर दिन वे जंगल से निकलकर इलाके में उत्पात मचा रहे हैं।

इधर, रविवार की अहले सुबह पांच हाथियों का एक झुंड बीरडीह गांव में उत्पात मचाया। हाथियों ने रमेश गोप का घर तोड़ घर में रखे चावल व धान चट कर गए। रमेश गोप के अलावा हाथियों ने संजय सिंह मुंडा, अजीत रंजन, मनोरंजन, आरूणी सिंह मुंडा, मनसा गोप, कदम, रमेश व रमाकांत गोप के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंद डाला। ग्रामीणों ने मशाल जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी प्रभावित गांव होने के बावजूद वन विभाग की ओर से पटाखा, मोबिल, टार्च आदि नहीं दिया जाता है। पीड़ित किसानों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है।

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