जागरण संवाददाता, सरायकेला : एकेडेमिक इंग्लिश स्कूल राजनगर में आठवीं कक्षा के चौदह वर्षीय छात्र अनिल कालिंदी के आत्महत्या मामल अब तुल पकड़ता नजर आ रहा है। छात्र के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या कर फांसी पर लटकाने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी हो कि दो अगस्त को एकेडेमिक इंग्लिश स्कूल राजनगर में आठवीं कक्षा के छात्र अनिल कालिंदी का शव गमछा के सहारे पंखे से लटकते हुए मिला था। इस संबंध में मृतक की मां रूप कालिंदी ने राजनगर थाने में अपने पुत्र अनिल कालंदी की हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी में मृतक की मां ने बताया है कि उन्होंने 11 जुलाई को अपना पुत्र अनिल कालिंदी का नामांकन एकेडेमी इंग्लिश स्कूल में कराई थी। 20 जुलाई को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने फोन कर बताया था कि अनिल के हाथ में घाव हो गया है। इसे घर ले जाएं और इलाज कराएं। इसके बाद अनिल को घर लाकर उसका इलाज कराया गया। घाव ठीक हो जाने पर दो अगस्त को रूपा कालिंदी ने अपने बेटे अनिल को दोपहर ढ़ाई बजे स्कूल के हॉस्टल में छोड़कर घर चली गई। उसी दिन शाम को छह बजे प्रधानाध्यापक ने फोन कर वापस हॉस्टल बुलाया। उसके बाद अनिल की मां ने तुरंत हॉस्टल पहुंची जहां से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने को कहा गया। रूपा ने बताया कि वहां जाकर देखा तो मेरे बेट का शव स्ट्रेचर पर पड़ा था। अनिल की बहन सुधा कालिंदी ने कहा कि प्रधानाध्यापक ने उन्हें बताया कि अनिल ने गले में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की है। रुपा कालंदी ने कहा कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। तीन अगस्त को सरायकेला सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में डॉ. ओम प्रकाश केशरी ने छात्र का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉ. केशरी ने स्पष्ट किया है अनिल ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटकाया गया है। लेकिन डॉक्टर केशरी ने रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया है कि हत्या कैसे हुई है कितने देर बाद उसे फांसी पर लटकाया गाय है। इस संबंध में डॉ. केशरी ने कहा कि उन्होंने जो कुछ देखा उसके अनुसार रिपोर्ट बनाया है।

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बेटे को दिलाकर रहूंगी : रुपा कालिंदी

मृतक की मां रुपा कालिंदी ने कहा कि अगर मेरे बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कह थी तो पुलिस को सूचना दिए बिना उसके शव को अस्पताल क्यों पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि अनिल आत्महत्या नहीं कर सकता है, उसकी हत्या हुई है और साक्ष्य छिपाने के लिए आत्महत्या का रूप दिया गया। कहा कि स्कूल प्रबंधन ने पोस्टमार्टम एवं अंतिम संस्कार आदि सारे खर्च देने का प्रलोभन देकर मामला दर्ज नहीं करने का दबाव डाला था। आज भी स्कूल प्रबंधन के लोग उनके घर जाकर केस वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं। रूप ने कहा कि वे अपने बेटे की मौत के लिए स्कूल प्रबंधन को दोषी मानती हें। उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रचार्य अजय मिश्रा की गिरफ्तारी हो।

राजनगर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अनिल के सहपाठी छात्रों ने बताया कि जब उसके परिजन उसे हॉस्टल में छोड़कर चले गए तो अनिल अपने कमरे में जाकर रो रहा था और वह शाम के प्रार्थना में भी शामिल हुआ। बताया कि कुछ समय बाद सहपाठियों ने कमरे में जाकर देखा कि अनिल का शव पंखे में झूल रहा है। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है परंतु अबतक प्रबंधक के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

कोट:-

अनिल कालिंदी की मौत के हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी पाएं जाएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

- कार्तिक एस, पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां

Posted By: Jagran

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