संवाद सूत्र, बरहड़वा (साहिबगंज) : सड़क मार्ग पर चौकसी बढ़ने से मवेशी तस्करों ने अब पैसेंजर ट्रेनों से मवेशियों की ढुलाई शुरू कर दी है। इसका खुलासा मंगलवार की शाम बरहड़वा रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस और ट्रेन के चालक के बीच हुई मारपीट से हुआ। बरहड़वा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी डाउन जमालपुर-रामपुरहाट पैसेंजर ट्रेन की पार्सल बोगी में दो गायों को देखकर आरपीएफ पुलिस इंस्पेक्टर जेके सिन्हा एवं जीआरपी के थाना प्रभारी एनुल अली ने ट्रेन के चालक एमएस राय से पूछताछ शुरू की तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान रेल पुलिस और चालक के बीच हाथापाई भी हुई। इससे बरहड़वा रेलवे स्टेशन पर यह ट्रेन करीब 42 मिनट तक खड़ी रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अंतत: पुलिस ने ट्रेन से दोनों गायों को उतरवाया। रात्रि 20:10 बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।

सूत्रों ने बताया कि दो गायों को तस्कर बंगाल लेकर जा रहे थे। जमालपुर से बरहड़वा रेलवे स्टेशन के बीच गायों को चढ़ाया गया था, जो संयोग बस बरहड़वा रेलवे स्टेशन पर पकड़ी गई। जिन लोगों ने ट्रेन पर गाय को चढ़ाया था वे भी विवाद के समय मौजूद थे। लेकिन पड़के जाने के भय से बिना कुछ बोले वहां से भाग निकले। पशु तस्कर पार्सल बोगी में गाय को छिपाने के लिए डब्बे के गेट को बराबर बंद रखते थे, ताकि किसी की नजर नहीं पड़े। लेकिन बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ पुलिस की नजर बोगी में रखी गायों पर पड़ गई और इसका खुलासा हुआ।

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क्या कहते हैं थाना प्रभारी

आरपीएफ थाना प्रभारी जेके सिन्हा ने कहा कि ट्रेन से उतरी गई गायों को फिलहाल एक स्थानीय व्यक्ति के पास रखा गया है। इसे बाद में गोशाला में दे दिया जाएगा। आरपीएफ जवानों को स्टेशन परिसर और स्टेशन पर खड़ी ट्रेनों के डिब्बों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

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क्या कहते हैं स्टेशन प्रबंधक

बरहड़वा रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक वाईपी ¨सह ने कहा कि रेलगाड़ी से गाय को ले जाना नियम के खिलाफ है। मामले में उन्हें लिखित शिकायत नहीं मिली है।

Posted By: Jagran