उधवा वर्ड सेंचुरी में मछली पकड़ने से रोकने पर वनकर्मियों पर हिंसक हमला
Sahibganj News: उधवा वर्ड सेंचुरी में अवैध मछली पकड़ने से रोकने पर बाघपिंजरा गांव के लोगों ने वनकर्मियों पर हमला ...और पढ़ें

उधवा में वन विभाग के गेस्ट हाउस में जबरन प्रवेश करने के लिए जुटे ग्रामीण और उनके बच्चे। (फोटो जागरण)
HighLights
उधवा वर्ड सेंचुरी में अवैध मछली पकड़ने पर वनकर्मियों पर हमला।
बाघपिंजरा गांव के लोगों ने वन विभाग की अतिथिशाला तोड़ी।
हमले में एक दर्जन वनकर्मी घायल, पुलिस ने स्थिति संभाली।
संवाद सहयोगी, उधवा (साहिबगंज)। झारखंड के एकमात्र वर्ड सेंचुरी उधवा में गुरुवार की सुबह मछली मारने से रोकने पर बाघपिंजरा गांव के लाेगों ने वनकर्मियों पर हमला कर दिया। वन विभाग की अतिथिशाला लोहिया भवन में भी तोड़फोड़ की।
इसमें वन विभाग के दो अधिकारी समेत आठ- दस वाचर जख्मी हो गए। भीड़ मजमा बनाकर भवन के अंदर घुस गयी। पहले सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया फिर वहां रखे टेबल कुर्सी को। खिड़की के शीशे तोड तथा अतिथिशाला परिसर में रखे वन विभाग के चार पहिया वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
वन विभाग के कर्मचारी द्वारा जब स्थिति पर नियंत्रण नहीं कर पाए तो घटना की जानकारी राधानगर थाना में दी। सूचना मिलने पर राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज तथा अन्य पुलिस पदाधिकारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित किया।
दरअसल पतौड़ा झील में नाव में सवार होकर कुछ लोग अवैध रूप से मछली पकड़ रहे थे। वाचर की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी ने वहां जाकर उसे मछली पकड़ने से मना किया। इस दौरान दोनों पक्षों में तकरार हो गया।
बाद में वन कर्मियों ने दो लोगों को पकड़ा तथा उसे लोहिया भवन गेस्ट हाउस ले आए। इस दौरान वन कर्मियों द्वारा पकड़े गए लोगों के सहयोगियों ने गेस्ट हाउस से सटे गांव बाघपिंजरा में जाकर अफवाह फैला दी कि वन कर्मियों द्वारा उसके लोगों के साथ मारपीट की जा रही है।
इससे गांव के पुरुष, महिला तथा अन्य लोग वहां आकर संगठित रूप से वन कर्मियों पर हमला कर दिया। इस घटनाक्रम में प्रधान वनरक्षी पप्पू कुमार तथा अखिलेश मरांडी सहित एक दर्जन वन कर्मी घायल हो गए।
राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजमहल भेजा गया है। इधर, सूचना मिली है कि घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उधवा में इलाज कराने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब हो कि उधवा वर्ड सेंचुरी को पिछले साल रामसर साइट का दर्जा दिया गया था। यह झारखंड का इकलौता रामसर साइट है। हमलावर एक खास समुदाय के लोग बताए जा रहे हैं।
