संवाद सहयोगी, साहिबगंज : अपने बैरक में सोमवार की रात आरपीएफ के कुक 26 वर्षीय देवव्रत घोष ने सोमवार की रात फांसी लगा ली। वह पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के दारापुर गांव का रहनेवाला था। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वह अवकाश पर गया था। 22 दिन की छुट़्टी के बाद 30 अक्टूबर को लौटा और ड्यूटी ज्वाइन किया था। मंगलवार की सुबह 6.45 बजे लोगों की नजर उसपर पड़ी। इसके बाद अधिकारियों के साथ-साथ साहिबगंज नगर थाने को सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। बताया जाता है कि वह 2018 से यहां पदस्थापित था।

पिता की मौत के बाद था तनाव में :

आरपीएफ के कुक देवव्रत घोष के पिता सुजीत कुमार घोष की मौत 40 दिन पहले ही हुई थी। उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए देवव्रत 22 दिन की छुट्टी लेकर गया था। वहां से आने के बाद वह तनाव में रहता था। साथ रहनेवाले लोगों का कहना था कि घर से आने के बाद कहता था कि वह भी अब जिदा रहकर क्या करेगा? इसी बीच मंगलवार की सुबह फंदे से लटका हुआ शव बरामद किया गया। देवव्रत की शादी अभी नहीं हुई थी। दो भाइयों में वह छोटा था। बड़ा भाई सुब्रत घोष आइएसफ भिलाई में कार्यरत है।

आरपीएस इंस्पेक्टर ने नरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना उन्हें 6:30 बजे के आसपास मिली। इसके बाद नगर थाना को सूचना दी गई। उनके भाई सुब्रत घोष को भी जानकारी दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक के पार्थिव शरीर को उनके घर भेज दिया जाएगा। नगर थाना के एएसआइ प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वहां पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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