विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Jharkhand SIR: झारखंड में कथित बांग्लादेशियों पर चुनाव आयोग सख्त, नोटिस भेजकर मांगा गया जवाब

Published: Tue, 08 Sep 2026 09:28 AM (IST)

राज्य चुनाव आयोग राजमहल विधानसभा क्षेत्र के उधवा में संदिग्ध नागरिकता वाले लोगों की जांच कर रहा है। मुख्य निर्वाचन ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और बीएलए। फोटो जागरण

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और बीएलए। फोटो जागरण

HighLights

  1. चुनाव आयोग राजमहल में संदिग्ध बांग्लादेशी मतदाताओं की कर रहा जांच।

  2. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उधवा पहुंचकर बीएलओ से ली जानकारी।

  3. संदिग्धों को नोटिस जारी, मतदाता सूची से नाम हटाने की तैयारी।

डॉ. प्रणेश, साहिबगंज। राजमहल विधानसभा क्षेत्र के उधवा में संदिग्ध नागरिकता वाले लोगों को लेकर राज्य चुनाव आयोग की नजर है। ऐसे कई लोगों के पूर्व में बांग्लादेशी नागरिक होने के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल जाने और बाद में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत से जमानत पाने की जानकारी सामने आई है।

इनमें कुछ लोग अब भी उधवा में रह रहे हैं और पूर्व के चुनावों में मतदान भी करते रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पिछले दिनों उधवा पहुंचकर मामले की जांच की।

सीईओ ने प्राणपुर पंचायत भवन स्थित बूथ संख्या 412 पर बीएलओ सह सेविका सफुरा खातून से आतुर शेख उर्फ अताउर शेख की मैपिंग के संबंध में जानकारी ली।

बीएलओ ने बताया कि उसकी मैपिंग नहीं की गई है। हालांकि, उसे इन्यूमरेशन फार्म दिया गया था और उसने जरूरी दस्तावेज के साथ फार्म जमा किया है।

आतुर शेख को वर्ष 2014 में बांग्लादेशी नागरिकता रखने के आरोप में जेल भेजा गया था। बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई। उसका मामला हाई कोर्ट में लंबित बताया जा रहा है।

सीईओ ने पूर्वी प्राणपुर के बापछाड़ा स्थित मतदान केंद्र पर सैफुद्दीन शेख के बारे में भी जानकारी ली। बीएलओ के अनुसार, वह पूर्व के चुनावों में मतदान करता रहा है, लेकिन अब उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

दक्षिण पियारपुर के सादेक अली टोला निवासी अफजल शेख भी आयोग की जांच के दायरे में है। उसे 18 मार्च 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

पश्चिमी प्राणपुर निवासी रायसुद्दीन शेख ने तीन अगस्त 2023 को एसपी से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बांग्लादेशी नागरिक आतुर शेख को अब्दुल मजीद ने अपना बेटा बनाकर परिवार में शामिल किया था।

जिले में कई संदिग्ध मतदाता मिले हैं। सभी को नोटिस भेजा गया है। आरओ व एआरओ के यहां सुनवाई चल रही है। इस संबंध में वह क्या निर्णय लेते हैं यह देखने की बात है। मतदाता सूची में एक भी विदेशी व्यक्ति का नाम नहीं रहेगा। पूरी पारदर्शिता के साथ स्वच्छ मतदाता सूची का निर्माण कराया जाएगा। -के रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड