बरहेट में हूल दिवस पर शांति भंग की आशंका, 53 लोगों को एसडीओ कोर्ट का नोटिस; भोगनाडीह में ग्रामीणों का विरोध
Hool Diwas Barhetः बरहेट में हूल दिवस पर शांति भंग की आशंका के चलते 53 लोगों को एसडीओ कोर्ट का नोटिस मिला है।

नोटिस भेजे जाने का विरोध करते बरहेट के ग्रामीण। (फोटो जागरण)
HighLights
बरहेट में हूल दिवस पर शांति भंग की आशंका।
53 लोगों को एसडीओ कोर्ट का नोटिस जारी।
भोगनाडीह के ग्रामीणों ने प्रशासन के रवैये का विरोध किया।
संवाद सहयोगी, बरहेट (साहिबगंज)। हूल दिवस के अवसर पर 30 जून को बरहेट में शांति भंग होने की आशंका है। इस आशय की रिपोर्ट यहां के थाना प्रभारी ने सदर एसडीओ को भेजी है। इसके बाद सदर एसडीओ ने जिले के बरहेट, बोरियो और तालझारी थाना क्षेत्र के 53 लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा स॔हिता की धारा 126/135 के तहत कार्रवाई की है।
सभी लोगों को 29 जून को एसडीओ कोर्ट में उपस्थित होने को कहा गया है। सभी को धारा 111 के तहत 10 हजार रुपये अथवा उस राशि के समतुल्य दो प्रतिभूति के साथ एक वर्ष का बंध पत्र न्यायालय में समर्पित करने को कहा गया है। जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है उनमें भोगनाडीह के ग्राम प्रधान बबलू हांसदा, सिदो कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू, मनोज हांसदा, लुखीराम हांसदा, सुशील बेसरा, सोनामुनी सोरेन, रामदी हांसदा, ताला सोरेन, विक्रम हेंब्रम, दिनेश सोरेन आदि शामिल हैं।
उधर, इस घटना के विरोध के भोगनाडीह के लोगों ने मांझी स्थान में रविवार को ग्राम प्रधान बबलू हांसदा की अध्यक्षता में बैठक की और प्रशासन के इस रवैये पर नाराजगी जतायी। बैठक में मौजूद मंडल मुर्मू ने बताया कि वे लोग वर्षों से हूल दिवस मनाते रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होता था। इस बार एसडीओ से कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी जो अब तक नहीं मिली।
कहा कि अब हमलोग अपने वंशजों का जन्मदिन व शहादत दिवस भी नहीं मना सकते। यह शहीदों की लोकप्रियता को कम करने की साजिश है। गौरतलब हो कि पिछले साल एसडीओ ने भोगनाडीह में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद ग्रामीणों ने सिदो कान्हू पार्क में ताला जड़ दिया था जिसे खुलवाने के लिए पुलिस को आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा था। ग्रामीणों तीन चलाया था जिसमें कुछ पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे।
