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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

50 लाख खर्च कर मारा गया 11 लोगों की जान लेने वाला बिगड़ैल हाथी

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sun, 13 Aug 2017 03:29 PM (IST)Updated: Sun, 13 Aug 2017 03:54 PM (IST)

11 लोगों को कुचल कर मार डालने वाले बिगड़ैल हाथी को गोली मार दी गई।

50 लाख खर्च कर मारा गया 11 लोगों की जान लेने वाला बिगड़ैल हाथी
50 लाख खर्च कर मारा गया 11 लोगों की जान लेने वाला बिगड़ैल हाथी

जागरण संवाददाता, साहिबगंज। पिछले चार माह से चार प्रखंडों में उत्पात मचा कर 11 लोगों को कुचल कर मार डालने वाले बिगड़ैल हाथी को शुक्रवार शाम गोली मार दी गई। हाथी को मारने के अभियान पर वन विभाग ने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए। वहीं, करीब एक करोड़ के हाथी के दोनों दांतों को निकालकर सुरक्षित जगह भेजा गया और उसे बांझी संथाली पहाड़ पर दफना दिया गया।

हैदराबाद से आए विख्यात हाथी शूटर हंटर नवाब शहाफत अली ने शुक्रवार शाम 5.12 बजे बोरियो वन क्षेत्र के बांझी संथाली पहाड़ पर इस हाथी को दो गोलियां दाग दीं। इसके बाद हाथी के दोनों दांतों को निकाल कर सुरक्षित जगह भेज दिया गया और हाथी को बांझी संथाली पहाड़ पर ही दफना दिया गया। शनिवार की सुबह वन प्रमंडल कार्यालय में वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए विश्व हाथी दिवस के अवसर पर गोली मारे जाने पर दुख प्रकट किया।

शनिवार को क्षेत्रीय वन संरक्षक संताल परगना दुमका सत्यजीत ने बताया कि जिले में 11 लोगों को मारने वाला हाथी बिहार से साहिबगंज की सीमा में 22 मार्च को घुसा था। बिहार में भी उक्त हाथी ने चार लोगों को मार दिया था। अब तक उसने 11 लोगों को मारने के अलावा कई को घायल किया और घरों को भी क्षतिग्रस्त किया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी प्रतिपालक श्रीलाल रत्नाकर ¨सह के आदेश पर हाथी को ट्रैकुलाइज कर पकड़ने के लिए रणनीति बनाई गई थी।

9 अगस्त से टीम के सदस्य विचरण मार्ग को चिह्नित कर उसे पकड़ने की योजना पर काम कर रहे थे, इसी बीच शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हाथी गांव की तरफ निकल गया। गांव में जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शूटर नवाब ने करीब 250 मीटर की दूरी से अपनी विशेष रायफल (.458 बोर के मैग्नम) से हाथी के सिर को निशाना बनाते गोली चला दी। गोली हाथी के सिर पर लगी और वह जमीन पर गिर कर छटपटाने लगा। घना जंगल व झाड़ी होने के कारण मरने की पुष्टि नहीं हो पाने की स्थिति में 50 मीटर की दूरी से पुन: दूसरी गोली उसके सिर पर मारी गई।  

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