साहिबगंज: विधायक अनंत ओझा ने कहा कि गंगा को निर्मल व स्वच्छ रखने में आमजन भी सहयोग करे। कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि पूरे झारखंड में गंगा सिर्फ साहिबगंज से होकर बहती है। इसके पहले शहर के टाउन में गंगा स्वच्छता मंच की ओर से आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि विधायक अनंत ओझा ने की। बाद में बारी-बारी से उपायुक्त संदीप ¨सह, उपविकास आयुक्त नैंसी सहाय, डॉ. रंजीत ¨सह, गंगा स्वच्छता मंच के प्रदेश संयोजक धर्मेन्द्र कुमार ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। विधायक ने कहा कि साहेबगंज के लोगों की महती जिम्मेवारी है कि वह अपने जिले में बहनेवाली पतित पावनी गंगा को निर्मल, पवित्र और अविरल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अगर गंगा तट पर बसे हुए ग्रामीण प्रतिदिन दो घण्टे श्रमदान करेंगे तो गंगा की वर्तमान स्थिति में एक बड़ा बदलाव आएगा। अपने हाथों से गंदगी फैलाने की जगह अगर हम गंगा सफाई में लगाएंगे तो गंगा प्रदूषणमुक्त  होकर रहेगी।

गंगा स्वयंसेवकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करने के लिए सम्मानित करने का सुझाव दिया। जनभागीदारी से ही गंगा की स्वच्छता संभव हो सकती है। ग्रामीण खुद अपने अपने कार्य से गांव को स्वच्छ गांव निर्मल गांव का दर्जा दिलाएं।

उपायुक्त ने कहा कि गंगा के  संरक्षण एवं संव‌र्द्धन के लिए केंद्र सरकार की  महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना चल रही है। गंगा के अविरल प्रवाह को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने घरों का कचड़ा गंगा में न डालें। पॉलीथिन प्लास्टिक द्वारा सबसे ज्यादा प्रदूषण का खतरा बना रहता है। प्लास्टिक मुक्त साहेबगंज, प्लास्टिक मुक्त गंगा बनाने का संकल्प आज हम सभी को लेना है। साहेबगंज एवं राजमहल नगर क्षेत्र में कचड़ा प्रबंधन के लिए जमीन चिन्हित कर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य किया जा रहा है। गंगा नदी के तट का कटाव नहीं हो इसे सुनिश्चित करने के लिए पौधरोपण सबसे बेहतर उपाय है।  गंगा एक बड़े जनसमुदाय की आस्था से जुड़ा है, इस नाते भी उनका कर्तव्य है कि गंगा को गंदा न करें।

गंगा तट पर निवास करनेवाले 78 गांव के विकास की रूपरेखा तैयार कर कार्य किया जा रहा है। उपविकास आयुक्त ने कहा कि नमामि गंगे योजना 2014 से देश के 5 राज्यों में चलाई जा रही है। झारखंड का एकमात्र जिला साहेबगंज है जहां यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा। इस योजना के अन्तर्गत गंगा की साफ-सफाई, गंगा को प्रदूषणमुक्त करना, घाट निर्माण कार्य इत्यादि कराया जा रहा है। वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी ने कहा कि गंगा को अपने प्राकृतिक रूप में संजोए रखना हम सभी जिलावासियों का कर्तव्य है। ग्रामीण सक्रिय होकर इस दिशा में कार्य करें तो गंगा की नैसर्गिकता बनी रहेगी। गगा के जलीय जीवों को संरक्षित करने के लिए भी  जिला प्रशासन का सहयोग करना होगा।

गंगा स्वच्छता मंच के राज्य समन्वयक धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाने हेतु सभी को जागरूक करना होगा। आज जो गंगा की स्थिति है यह मानवजनित है। इसमें सुधार लाने के लिए हमें जागृत होकर कार्य करना होगा। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) में बेहतर कार्य करनेवाले गंगा ग्राम स्वयंसेवकों  एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें गंगा ग्राम स्वयंसेवक शिवानंद कुमार,  विनोद कुमार अपर्णा मंडल, विक्रम कुमार साह, श्रवण कुमार मंडल और एनएसएस वालंटियर्स नौशीन परवीन, अनुप्रिया, लक्ष्मी कुमारी, निकिता कुमारी एवं बृजेश कुमार शामिल हैं। मंच संचालन डीपीएम आशीष यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राजमहल बीडीओ अजय रजक ने किया।

मौके पर जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी प्रभात शंकर, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विनीता कुमारी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता विजय, गौतम यादव, विनोद चौधरी उपस्थित थे।

Posted By: Jagran