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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डायन कुप्रथा के बारे में लोगों को जागरूक करेगा रथ

By JagranEdited By:
Published: Tue, 28 Dec 2021 07:19 PM (IST)

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डायन कुप्रथा के बारे में लोगों को जागरूक करेगा रथ
डायन कुप्रथा के बारे में लोगों को जागरूक करेगा रथ

जागरण संवाददाता, साहिबगंज : डायन कुप्रथा के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से रथ निकाला गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर से उपायुक्त राम निवास यादव एवं उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार ने इस हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एक रथ साहिबगंज अनुमंडल तो दूसरा राजमहल अनुमंडल में भ्रमण करेगा। इस दौरान उपायुक्त ने बताया कि गांव में देखा जाता है कि असहाय एवं गरीब महिलाओं को निशाना बनाकर उन्हें डायन बताकर उन पर अत्याचार किया जाता है। ऐसी कुप्रथा को समाप्त करना बेहद आवश्यक है। ऐसी कुप्रथाओं के प्रति गरीब असहाय महिलाएं जो आवाज नहीं उठा सकती हैं उनको सुरक्षा देने के लिए इस अधिनियम को लाया गया है। उपायुक्त ने कहा कि समाज में लिप्त ऐसी कुरीतियों के प्रति हम सभी को मिलकर आवाज उठाना होगा साथ ही उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी मिलकर आपसी सहयोग एवं जागरूकता से इस बुराई को समूल नष्ट करने में सरकार का साथ दें।

ज्ञात हो कि डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 के तहत किसी महिला को डायन के रूप में पहचान कर उसे शारीरिक या मानसिक यातना जानबूझकर या अन्यथा प्रताड़ित करने पर छह माह के कारावास की सजा अथवा दो हजार रुपये तक जुर्माने अथवा दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है।

किसी औरत को डायन के रूप में पहचान करने के लिए साक्ष्य या अनवधता से अन्य व्यक्ति अथवा समाज के लोगों को उकसाने या षडयंत्र रचने या सहयोग करने की स्थिति में तीन महीने तक का कारावास अथवा एक हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है। डायन के रूप में पहचान की गई औरत को शारीरिक या मानसिक हानि पहुंचाकर अथवा प्रताड़ित कर झाड़-फूंक या टोटका द्वारा उपचार करने वाले को एक साल तक के कारावास की सजा अथवा दो हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है। मौके पर उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुमन गुप्ता, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रेवा रानी सेविका सहिया एवं अन्य उपस्थित थे।