जागरण संवाददाता, साहिबगंज : घनी आबादी वाले इलाके में शुमार भरतिया कॉलोनी व उसके आसपास स्थित सीमेंट गोदाम से उड़नेवाली धूल से मुहल्ले के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सीमेट लोडिग व अनलोडिग के दौरान उड़नेवाली धूल की वजह से उस रोड से गुजरना मुश्किल हो जाता है। धूल की वजह से कई लोग गंभीर बीमारी के शिकार हो गए हैं। पूर्व में मुहल्ले के लोगों ने नगर परिषद के पदाधिकारियों से शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की थी लेकिन कार्रवाई में हाथ खड़े कर दिए। इससे आक्रोशित मुहल्ले वासियों ने एक बार पुन: पूरे साक्ष्य के साथ उपायुक्त रामनिवास यादव, नगर परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवास यादव, उपाध्यक्ष रामानंद साह व कार्यपालक पदाधिकारी को अवगत कराया है।

इस मुहिम की कमान संभालनेवाले चेतन भरतिया ने बताया कि 17 जून को नगर परिषद के पदाधिकारी मामले की जांच के लिए आए थे लेकिन गोदाम संचालकों से पूछताछ कर लौट गए। कायदे से उन्हें मुहल्ले के लोगों से भी बात करनी चाहिए थी। उनका कहना था कि सभी जिलों में सीमेंट का गोदाम शहर के बाहरी इलाके में है। साहिबगंज इकलौता शहर है जहां बीच में सीमेंट का गोदाम है। ट्रकों की आवाजाही से हमेशा जाम लगा रहता है। दुर्घटना की भी आशंका रहती है। तत्काल इसे शहर के बाहरी इलाके में शिफ्ट करना चाहिए। इन गोदामों ने प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से अनुमति ली है या नहीं यह भी जांच होनी चाहिए। आवेदन में गोपाल शर्मा, पिकी देवी, कृष्णा शर्मा, दिलीप यादव, संजय जायसवाल, गणेश केसरी, अरविद कुमार आदि के हस्ताक्षर हैं।

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