जाटी, राजमहल/साहिबगंज: पुलिस का सीधा संवाद पब्लिक से होना चाहिए। पुलिस को हमेशा अपने अधिकार और कर्तव्य के प्रति सजग रहना चाहिए। ये बातें मंगलवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में पुलिस पदाधिकारियों को अनुमंडल विधिक सेवा समिति के सचिव सह एसडीजेएम एमके त्रिपाठी ने कही।

शिविर की अध्यक्षता कर रहे एसडीजेएम के अलावा जेएम प्रथम श्रीमती सुशीला सोरेंग, डीएसपी विजय आशीष कुजूर व राजमहल पुलिस निरीक्षक अमरेन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच संचालन बरहड़वा थाना प्रभारी टी.एन.शर्मा ने किया। शिविर में विनोद अग्रवाल, बरहड़वा पुलिस निरीक्षक पीएन तिवारी, राजमहल पुलिस निरीक्षक अमरेन्द्र कुमार ने मानवाधिकार दिवस का महत्व बताया। पुलिस पदाधिकारियों ने अपराधी की मौत पर उसे मानवाधिकार के उल्लंघन के रूप में देखे जाने पर सवाल उठाया। कहा कि यदि किसी अपराधी द्वारा पुलिसवाले को मारा जाता है तो उसमें मानवाधिकार की क्या भूमिका होनी चाहिए? इस पर एसडीजेएम ने कहा कि अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने की एक सीमा पुलिस के लिए तय की गई है। यदि आत्मरक्षा में पुलिस किसी अपराधी को मारती है और उसका पुख्ता सबूत मिल जाता है तो उस संदर्भ में मानवाधिकार आयोग भी न्यायोचित्त निर्णय लेता है। उन्होंने कहा कि लोगों की नजर में बरकरार नकारात्मक पुलिसिया छवि को समाप्त कर पुलिसकर्मियों को जनहित में काम करना चाहिए। जेएम प्रथम श्रीमती सुशीला सोरेंग ने संविधान में नागरिकों को उनके अधिकारों से जुड़ी बातों का उल्लेख किया गया है। डीएसपी विजय ए.कुजूर ने करते हुए न्यायिक पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस अपने दायित्वों को सही तरीके से निर्वाहण करेगी। इस दौरान सहायक शिक्षक निर्मल पांडे, तालझारी थाना प्रभारी महादेव सिंह, राधानगर थाना प्रभारी द्वारिका राम, रांगा थाना प्रभारी नारद पासवान, कोटालपोखर थाना प्रभारी अशोक कुमार, राजमहल एएसआइ सरयू प्रसाद, बालेश्वर प्रसाद राय, महादेव चौबे,डीएसपी रीडर दीपनारायण सिंह आदि थे।

इधर जिला विधिक सेवा प्राधिकार साहिबगंज के तत्वावधान में विधिक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए प्रथम जिला जज चन्द्रभूषण सिंह ने कहा कि मानवाधिकार आयोग भी प्रताड़ित लोगों के प्रति अच्छी भूमिका निभायी है। इस मौके पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार श्रीवास्तव, जेएम प्रथम श्रेणी अमरमणि त्रिपाठी, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, सदर इंस्पेक्टर जीपी सिंह ने भी मानवाधिकार के विशेषताओं की जानकारी दी। इस मौके पर थाना प्रभारी निलेश कुमार, संजय देव, एलबी यादव, डीके सिंह, रंजन सिंह, नीरज रामेश्वरम, संजय शहबाज के अलावा काफी संख्या ग्रामीण पुरूष व महिलाएं तथा पुलिस कर्मी मौजूद थे।

नागरिक अधिकार मंच व न्यू झारखंड युवा क्लब की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित लोगों को कई कानूनी जानकारी दी गई। बैठक में किशोर न्यास बोर्ड के सदस्य शिवशंकर दुबे, विनोद कुमार यादव, पूनम किरण चौरसिया, दिनेश तिवारी, रामप्रवेश यादव, प्रभु प्रसाद सिंह, विजय कुमार गोंड, श्याम सिंह, शंभु सिंह, उदय मंडल, रामाकांत कुमार, प्रमोद पाण्डेय, शहवाज नैयर कादरी, सहेन्द्र प्रसाद, नवीन राम, महेन्द्र मंडल, गांधी मंडल, कृष्ण कुमार शर्मा, सरीधारी मंडल थे।

कानून की जानकारी दी

राजमहल : स्थानीय निरीक्षण भवन में मानवाधिकार निगरानी परिषद् राजमहल के तत्वावधान में मानवाधिकार संरक्षण में पुलिस की भूमिका पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता परिषद् के सदस्य संत कुमार घोष ने की। मुख्य अतिथि साहिबगंज महाविद्यालय में भूगर्भ विभाग के प्राध्यापक सह राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ.रंजीत कुमार सिंह की उपस्थिति में हुई। अतिथि डॉ.सिंह ने मानवाधिकार के संरक्षण में पुलिस की भूमिका को बताते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों और समाज के गरीब तबकों के लोगों के बीच पुलिस शब्द का मायने काफी कष्टदायी है। लोग थाना आने से घबराते हैं और सोचते हैं कि वहां जाने से उनलोगों को बेवजह तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। डॉ.सिंह ने बताया कि मानवाधिकार के अन्तर्गत 30 अधिकार प्रदान किए गए हैं जो किसी बच्चे को जन्म लेते ही प्राप्त हो जाता है। संगोष्ठी के दौरान सुदर्शन कर्मकार, जितेन्द्र उरांव, वासुदेव उरांव, संदीप कुमार गुप्ता, अनिल गुप्ता, जुल्कार हुसैन, बारिक शेख, मो.सैफुल शेख, सुब्रत मिश्रा, संजीव कुमार, मनोज साहा सहित अन्य उपस्थित थे।

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