जागरण संवाददाता, रांची : आजकल शहर में वजन कम करने के लिए सिर्फ जिम ही नहीं, बल्कि कई तरह की चीजों को इस्तेमाल में लाया जा रहा है। हुला-हूप भी इनमें से ही एक है। यह एक्सरसाइज फन एक्टिविटी की तरह है, जो न सिर्फ पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करती है, बल्कि इसके कई अन्य लाभ भी शरीर को होते हैं। शहर में डास क्लासेज व जिम में भी इसकी सुविधा दी जा रही है। आप एरोबिक्स या जुंबा डास के साथ-साथ हूला हूप भी कर सकती हैं। आजकल लाइफस्टाइल में बहुत बदलाव आए हैं। साथ ही अनियमित खानपान के चलते लोगों में वजन तेजी से बढ़ता जा रहा है।

यही कारण है कि आजकल महिलाएं हों या पुरुष, हर कोई पेट कम करने के नुस्खों को आजमाता है। कई लोग तो इस मुहिम में घटों वॉक और जिमिंग करते हैं। लेकिन वजन नियंत्रित करने के लिए केवल एक्सरसाइज ही काफी नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि आप सही एक्सरसाइज करें और खान-पान का भी ख्याल रखें। हूला हूप एक्सरसाइज पेट की चर्बी कम करने वाली एक प्रचलित और कारगर एक्सरसाइज है। हूला-हूप खासकर उन लोगों के बीच अधिक लोकप्रिय है, जिन्हें एरोबिक और डास करना पसंद होता है।

एब्स होते हैं टोन और मजबूत : हूला हूप का नियमित अभ्यास करने से एब्स मजबूत तो बनते ही हैं, बल्कि ये टोन होकर कमाल की शेप में भी आ जाते हैं। इस एक्सरसाइज से अब्डोमिनस टोन होकर मजबूत बनते हैं। जब आप हूप करते समय मूव करना शुरू करते हैं तो कंधे से लेकर पैरों तक की मसल्स को फायदा होता है। खासकर कमर की मासपेशियों पर बेहतर काम होता है।

एकाग्रता बढ़ाएं : यह उन लोगों के लिए भी कमाल की एक्सरसाइज है, जो अपना वजन तो कम करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए वे कड़ी मेहनत नहीं कर सकते हैं। वे इसके लिए आसानी से किए जाने वाली एक्सरसाइज विकल्पों को तलाशते हैं। इन लोगों के लिए हूला-हूप न केवल कई कठिन एक्सरसाइज के मुकाबले आसान है, बल्कि मजेदार भी है।

चर्बी को घटाएं और शरीर को लचीला बनाएं : इससे आपकी कमर का सारा फैट कम हो जाता है और कमर शेप में आ जाती है। दरअसल जब आप हूला हूप करते हुए रोटेट करना शुरू करते हैं तो आपकी कमर पर जोर पड़ता है और मासपेशियों पर भी काम होता है। अगर आप इसे सिर्प फिटनेस बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं तो इससे आपके शरीर के पीठ का निचला हिस्सा भी मजबूत बनता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर लचीला भी बनता है और उसका संतुलन भी बेहतर होता है।

बैलेंस को बेहतर बनाएं : अगर आप लगातार घटों तक बैठकर काम करते हैं तो इसकी वजह से न सिर्फ आपका मोटापा बढ़ता है, बल्कि रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान होता है। हूला-हूप एक्सरसाइज करने से हिप्स और कमर पर अतिरिक्त चर्बी नहीं एकत्रित होती है और इसकी शोप भी बेहतर बनती है। जो लोग नियमित हूला-हूप का अभ्यास करते हैं, उनका संतुलन भी बाकी लोगों से बेहतर बनता है।

सावधानी बरतनी भी जरूरी : आप जब भी कोई एक्सरसाइज करने जाते हैं तो शुरुआत में आपको उसे कम समय के लिए करने को कहा जाता है। इस एक्सरसाइज को भी आप जब पहली बार शुरू करें तो सबसे पहले इसे कम समय तक ही करें। शुरुआत में एक बार में दो मिनट तक इस एक्सरसाइज को करें। फिर समय और क्षमता के हिसाब से धीरे-धीरे इसे बढ़ाते जाएं। इसके अलावा शुरुआत में हमेशा अपने लिए लाइट वेट का हूला-हूप खरीदें। हमेशा हूला-हूप एक्सरसाइज शुरू करने से पहले वार्म अप करें। हूला-हूप से आर्म, लेग, बैक व पेट की एक्सरसाइज होती है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट : एरोबिक्स, जुंबा की ही तरह अब हूला-हूप भी महिलाओं के बीच प्रचलित है, वजन कम करने के लिए यह बेहतरीन एक्सरसाइज है। यह एक फन एक्टिविटी की तरह है। इसे युवतियों से लेकर महिलाएं भी पसंद कर रही हैं। हमारे डास क्लास में एरोबिक्स, जुंबा, हूला-हूप यह सभी सिखाए जाते हैं।

अमर, ट्रेनर क्या कहती हैं युवतिया : खुद को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है और मैं नियमित एक्सरसाइज करती हूं। कुछ वक्त पहले ही मैंने हूला-हूप करना शुरू किया और इससे मुझे काफी फायदा मिला। रूबी, युवती एक्सरसाइज किए बिना मेरा दिन पूरा नहीं होता। मैं पहले जुंबा डास का सहारा लेती थी खुद को फिट रखने के लिए , लेकिन कुछ महीने से मैं हूला-हूप सीख रही थी, अब घर पर ही मैं इसे करती हूं। आस्था, युवती

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