पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर फिर लटकी निष्कासन की तलवार, झामुमो के दबाव में कांग्रेस लेगी बड़ा फैसला
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ लगातार बयानबाजी के कारण एक बार फिर कांग्रेस से निष्कासित हो ...और पढ़ें

सीएम के खिलाफ बयान देने के कारण मामला पहुंचा समिति के दायरे में।
HighLights
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर निष्कासन की तलवार।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयानबाजी का मामला।
झामुमो के दबाव में कांग्रेस की अनुशासन समिति लेगी निर्णय।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ लगातार बयान दे रहे कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसकी शुरुआत हजारीबाग से हुई जहां झामुमो के नेताओं ने कांग्रेस पार्टी पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया और एक बार इस कारण से कार्रवाई हुई भी।
महज तीन महीनों में तीन साल का निष्कासन रद कर दिया गया और एक बार फिर योगेंद्र साव के निशाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आ गए। तमाम अनर्गल आरोपों के बूते उन्होंने पार्टी के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है।
पिछली बार योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई के बाद कार्रवाई वापस ले ली गई थी क्योंकि पिछड़ा वर्गों को आरक्षण दिलाने के लिए कांग्रेस का आंदोलन तय हो चुका था। लेकिन, इस आंदोलन की विफलता ने उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर दिया। स्वयं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने उन्हें माफ करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया और एक बार फिर यह मामला अनुशासन समिति के सामने पहुंच गया।
पार्टी के सीनियर नेताओं के अनुसार योगेंद्र साव के खिलाफ इस बार कार्रवाई तय है और इस कार्रवाई के पीछे कहीं ना कहीं झामुमो का दबाव है। हजारीबाग जिला के झामुमो नेता कांग्रेस के पूर्व मंत्री का लगातार विरोध करते रहे हैं।
इन्हें इस बात को लेकर भी शिकायत रहती है कि जो सालभर मुख्यमंत्री को बदनाम करने में लगा रहता है उसके लिए झामुमो सीट छोड़ देती है। मोर्चा के नेताओं ने अब कांग्रेस के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। परिस्थितियों को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर अनुशासन समिति को पूरे प्रकरण पर विचार करने का निर्देश दिया है।
इस निर्देश के बाद पार्टी की सक्रियता बढ़ गई है। समिति के अध्यक्ष डा. रामेश्वर उरांव अभी रांची से बाहर हैं और वापस सोमवार को पहुंचेंगे। उनकी वापसी के साथ ही अनुशासन समिति की बैठक भी है। पार्टी में झामुमो के विरोधी रहे नेताओं ने भी हथियार डाल दिए हैं। स्पष्ट है कि अब योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई होगी ही।
