रामगढ़, जागरण संवाददाता। एनसीओइए ने गिद्दी कोलियरी के एक्सवेशन में सोमवार को पिट मीटिंग की। मौके पर सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य अरुण कुमार सिंह व अरगडा एरिया अध्यक्ष देवनाथ महली ने कर्मियों से कोल इंडिया में कार्यरत मजदूरों से जूड़े 13 सूत्री मांगों को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले आगामी 23-24 फरवरी को कोल इंडिया में देशव्यापी हड़ताल करने वाली है। उन्होंने मजदूरों से कोल इंडिया केा बचाने के लिए दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। कहा कि केंद्र सरकार कोयला उद्योग को निजीकरण करने व मजदूरों के अधिकार की छीनने का कार्य कर रही है। कहा कि केंद्र सरकार ने कोयला कर्मियों पर नया हमला करते हुए सीएमपीएफ का इंटरेस्ट 8.5 से घटाकर 8.3 प्रतिशत कर दिया है।

कोयला खाद्दानों को निजा हाथों में देने का विरोध

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एनएमपी के तहत 160 चालू कोयला खदानों को लिज पर निजी मालिकों को देने जा रही है। उन्होंने सरकार से जेबीसीसीआई 11 का फैसला जल्द करने, कोयला खदान निजी मालिकों को देना बंद करें, श्रम कानून के संसोधन को वापस लेने, सीबी एक्ट में संशोधन बंद करने, सीटीओ के चलते खदानों को बंद करने की नीति पर रोक लगाने, कोयला उद्योग के ठेका श्रमिकों को नियमित कोयला मजदूरी के बराबर वेतन की सूविधा देने, भूमि अधिग्रहण 2013 के आधार पर विस्थापितों को नौकरी मुआवजा व पुनर्वास आदि की सुविधा बहाल करने की मांग की।

मौके पर गजेंद्र , विकास उरांव, सामेर महली, बेचू, मुन्ना मांझी, मनोज यादव, कृष्णा राय, राकेश, बालेश्वर, उपेंद्र प्रताप सिंह, रमेश सिंहचेरो, सुरेश महतो, रमेश कुमार, संतोष महली, प्रदीप सिंह, किशोर बेदिया, रोहित महतो, मंगा लिडवार, रंजीत राणा, मिठाइलाल साव, मोती राम मांझी, अकबर खान, उत्तम कुमार, दिनेश राणा, पप्पू करमाली, अवतार सिंह, सर?ुरज राम, उपेंद्र सिंह, महेंद्र मुंडा, युनुस खान आदि उपस्थित थे।

Edited By: Madhukar Kumar